हस्तसाल की लाट या मीनार का निर्माण मुगल सम्राट शाहजहाँ द्वारा 17वीं शताब्दी में बनवाया गया था। यह मीनार दिल्ली के निकट हस्तसाल गाँव में स्थित है। इस मीनार का उपयोग शिकारखाना के रूप किया जाता था। हस्तसाल मीनार के निर्माण में लखोरी ईंट का प्रयोग किया गया है। यह एक ऊपर उठे हुए मंच पर 16.87 मीटर ऊँची तीन मंजिला मीनार है। प्रत्यके मीनार का व्यास निचले मंज़िल से कम है, जहाँ तक संकीर्ण सीढ़ियों के माध्यम से पहुँचा जा सकता है। कुतुबमीनार की भाँति ही मीनार का प्रत्येक मंज़िल अष्टकोणीय अंगूठी से घिरा है साथ ही लाल बलुआ पत्थर से निर्मित छज्जा भी लगा हुआ है। उल्लेखनीय है कि इसे मिनी क़ुतुब मीनार भी कहा जाता है। कला एवं सांस्कृतिक विरासत के लिये भारतीय राष्ट्रीय ट्रस्ट (INTACH) द्वारा मीनार की पुनर्स्थापना के लिये विस्तृत योजना तैयार की गई है। कला एवं सांस्कृतिक विरासत के लिये भारतीय राष्ट्रीय ट्रस्ट (INTACH) यह सोसायटी पंजीकरण अधिनियम, 1860 के तहत पंजीकृत एक गैर-लाभकारी धर्मार्थ संगठन है। इसे भारत में विरासत जागरूकता और संरक्षण का नेतृत्व करने के दृष्टिकोण से 1 9 84 में नई दिल्ली में स्थापित किया गया था। वर्ष 2007 में, संयुक्त राष्ट्र ने इसे संयुक्त राष्ट्र आर्थिक और सामाजिक परिषद के साथ एक विशेष सलाहकार दर्जे से सम्मानित किया था।
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