भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो प्रक्षेपण यान पी.एस.एल.वी. और छोटे उपग्रह प्रक्षेपण यानों के निर्माण का दायित्व निजी उद्योगों को सौंपेगा।
इसरो को इतना ज्यादा काम बढ़ गया कि उसे पूरा करने के लिए निजी उद्योग का सहयोग आवश्यक हो गया है।
एक साल में इसरो 22 बार उपग्रह कक्षा को भेजने वाला है। इसरो इस समय चन्द्रयान-2 पर काम कर रहा है और 2022 तक भारतीय को आर्बिट भेजने की भरपूर प्रयत्न कर रहा है।
जल्द छठा एक्सो कार्यक्रम बंगलुरू में 6 सितम्बर से 8 सितम्बर तक कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। विश्व भर से 100 एग्जीबीटर्स, 56 स्पीकर्स और छह सौ डेलिगेट्स इसमें भाग लेने वाले हैं।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग की तारीख घोषित कर दी है।
इसरो के चेयरमैन के सिवन ने 28 अगस्त को बताया कि इसे 3 जनवरी को लॉन्च किया जाएगा।
यह 16 फरवरी को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के नजदीक तय स्थान पर उतर जाएगा।
इसके अलावा भारत 2022 में अंतरिक्ष में मानव मिशन गगनयान भी भेजेगा।
चंद्रयान-2 का वजन 600 किलोग्राम बढ़ाया गया है। इसे जीएसएलवी से लॉन्च नहीं किया जा सकेगा, इसके लिए जीएसएलवी-मैक-3 में बदलाव किया गया है। यह जीएसएलवी-मैक-3-एम1 कहलाएगा।
चंद्रयान-2 पहले इसी साल अक्टूबर में लॉन्च करने की योजना थी। यह दुनिया का पहला मिशन होगा, जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के नजदीक पहुंचेगा।