आजीविका के समग्र कार्यक्रम प्रबंधन के व्यवसायीकरण और देशभर में परिणाम आधारित दृष्टिकोण अपनाने के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका परियोजना शुरू किया गया है। इसके अंतर्गत विश्व बैंक द्वारा ग्रामीण विकास मंत्रालय को निवेश सहायता प्रदान की जा रही है।
एन आर एल पी में आजीविका के अंतर्गत विभिन्न विषय गत हस्तक्षेपों के संबंध में राज्यों में संकल्पनाओं के साक्ष्य तथा सर्वोत्तम प्रथा स्थलों का सृजन करने के लिए सहायता प्रदान की जा रही है विश्व बैंक से कार्यान्वन सहायता का मुख्य फोकस ग्रामीण विकास मंत्रालय को राज्यों को उत्तम गुणवत्ता वाली तकनीकी सहायता प्रदान करता बनने एवं कार्यक्रम प्रबंधन और विभिन्न स्तरों पर निगरानी का विकास करने में सहायता प्रदान करने पर है।
एन आर एल पी के लिए विश्व बैंक से 1 बिलियन अमेरिकन डॉलर का वित्तपोषण प्राप्त होना है NRLP का कार्यान्वयन देश के ग्रामीण निर्धनों के लगभग 90% हिस्से वाले 13 अत्यधिक निर्धन राज्यों में किया जा रहा है। इन 13 राज्यों असम, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उड़ीसा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, कर्नाटक और तमिलनाडु के 2 जिलों और 400 ब्लॉकों में एंन आर एल पी द्वारा गहनआजीविका निवेश किया जा रहा है। राज्यों के बीच परियोजना निधि का वितरण कुल राज्यों में ग्रामीण बीपीएल जनसंख्या में उनके तुलनात्मक हिस्से पर आधारित है इस संगठन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्र में ग्रामीण विकास मंत्रालय को उच्च गुणवत्तायुक्त तकनीकी सहायता प्रदाता बनाना, ग्रामीणों की संस्थाओं के गठन हेतु सहायता, सहित राज्य से ब्लॉक स्तर तक एन आर एल पी कार्यकलापों के कार्यान्वयन के लिए आवश्यक संस्थागत संरचना एवं तंत्र की स्थापना में राज्य सरकारों की सहायता करना, ग्रामीण निर्धनों की आजीविका आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए देशभर में भिन्न-भिन्न विचारों की पहचान करने, पालन पोषण करने और उन्हें सहायता देने के लिए संस्थागत तंत्र का सृजन करना, राष्ट्रीय स्तर पर कार्य परियोजना, प्रबंधन हेतु राष्ट्रीय मिशन प्रबंधन इकाई जो प्रस्तावित परियोजना एवं एन आर एल एम के समन्वय एवं प्रबंधन हेतु मुख्य प्रणालियों और प्रक्रियाओं का विकास करें को सुदृढ़ करना है।