जीका वायरस एक वैश्विक स्वास्थ्य आपदा

जीका वायरस का वाहक एडीज मच्छर है या मच्छर डेंगू चिकनगुनिया और येलो फीवर के लिए भी उत्तरदाई है जी का राइबो न्यूक्लिक एसिड से संबंधित है डब्ल्यूएचओ के अनुसार अगर किसी व्यक्ति को इस वायरस से संक्रमित मच्छर काट लेता है तो उस व्यक्ति में इसके वायरस आ जाते हैं इसके पश्चात जब कोई और मच्छर उन्हें काटता है तो उस मच्छर में फिर से यह वायरस प्रवेश कर जाता है या वायरस ही माइक्रोसेफली जैसे गंभीर बीमारी का कारण है जो मुख्यता गर्भवती स्त्री में अजन्मे बच्चे के मस्तिष्क विकास को अवरुद्ध कर देता है।

 जीका वायरस का इतिहास

 सन 1947 में अफ्रीकी देश युगांडा के जी का जंगलों में रीसस बंदर में पहली बार या वायरस पाया गया इसी से इस वायरस का नाम जी का पड़ा। 1954 में पहली बार इंसान के अंदर या वायरस देखा गया। जिसके बाद कई दशक तक या इंसानी आबादी के लिए बड़े खतरे के तौर पर सामने नहीं आया और यही वजह रही कि वैज्ञानिक समुदाय ने इसकी ओर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया वर्ष 2007 में माइक्रोनेशिया के एक नए आइलैंड याद में इस वायरस ने बड़ी तेजी से पैर पसारे और फिर लैटिन अमेरिका देशों में बढ़ता गया। ब्राजील में वर्ष 2014 में भी इस बीमारी से 147 बच्चे प्रभावित हुए जिनकी संख्या बढ़कर 2400 तक पहुंच गई वर्ष 2007 में इसकी खोज होने से पहले इसके संक्रमण के मामले अफ्रीका और दक्षिणी पूर्वी एशिया में बहुत कम थे। अप्रैल 2007 में इसका प्रभाव पहली बार अफ्रीका और एशिया के बाहर देखने को मिला लाल चकत्ते नेत्रश्लेष्मला शोथ और जोड़ों में दर्द के रूप में इसका असर दिखा। जिसे सामान्यता डेंगू चिकनगुनिया समझा जा सकता था लेकिन जब बीमारी लोगों के रक्त का परीक्षण किया गया तो उसमें जीका विषाणु का RNA पाया गया।

जीका वायरस का वर्तमान परिदृश्य

जीका वायरस की हालिया शुरुआत मई 2015 में ब्राजील में हुई थी वहां अबतक डेढ़ लाख लोग शिकार हो चुके हैं वर्तमान में ब्राजील का पद्मिनी को क्षेत्र इस बीमारी से सर्वाधिक प्रभावित है। वायरस के आतंक को देखते हुए ब्राजील के 6 राज्यों में आपातकाल की घोषणा कर दी गई है। अब सो 2016 में या वायरस एक बड़े खतरे के रुप में प्रभावी हो सकता है क्योंकि इस साल अगस्त में ब्राजील के रियो डी जेनेरियो में ओलंपिक खेल होने वाले हैं। ब्राजील सरकार को डर है कि दुनिया भर से आने वाले खिलाड़ी और दर्शक कहीं इस बीमारी की चपेट में ना आ जाए इसलिए उसने अभी से जीका वायरस का संक्रमण रोग को रोकने के लिए सवा दो लाख सैनिकों को भी लगा दिया है। जिससे कि इसके संक्रमण पर जल्द से जल्द काबू पाया जाए यही वजह है कि ब्राजील सरकार ने मच्छरों के खिलाफ अभियान छेड़ दिया है स्टेडियमों में ओलंपिक खेल होने हैं वहां मच्छरों को पनपने से रोकने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है जीका वायरस का मच्छर के हुए पानी में पड़ता है।

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