लोकोक्तियां /कहावतें

अर्थ एवं परिभाषा:-

कहावत उस बंधे पद समूह को कहते हैं, जिसमें अनुभव की कोई बात संक्षेपत: सुंदर प्रभावशाली चमत्कारिक ढंग से कही जाती है। संस्कृत और हिंदी में कहावत को सूचित, प्रवाद-वाक्य अथवा लोकोक्ति भी कहते हैं और अंग्रेजी में इसे Proverb तथा उर्दू में मसल कहा जाता है। कहावतें मुहावरे से भिन्न है और इनका प्रयोग मुहावरों की भांति एक वाक्य में हो पाना संभव नहीं। कहावतों के व्यवहार के लिए मान्य लेखकों के ग्रंथों का अनुशीलन करना चाहिए।

कहावत का शाब्दिक अर्थ होता है: कही हुई बात। इसका मतलब यह नहीं है कि प्रत्येक कही हुई बात कहावत है। केवल उसी बात को कहावत कहा जाएगा, जिसमें जीवन के अनुभवों को संक्षिप्त एवं विलक्षण ढंग से व्यक्त किया गया हो, और वह समय की कसौटी पर खरी उतरती हो।

लोकोक्ति का अर्थ है: लोक (जनसाधारण) की उक्ति लेकिन बहुत सी कहावतें बड़े-बड़े विद्वानों द्वारा कही गई हैं, जिन्हे लोकोक्ति कहना ठीक नहीं होगा। इस प्रकार विचार करने से कहावत शब्द ही सर्वाधिक उपयुक्त है।

उपर्युक्त विवेचना के आधार पर हम कह सकते हैं कि किसी घटना या कहानी से संबंधित अनुभव के सार को व्यक्त करने वाली लोक प्रसिद्ध उक्ति या कथन को लोकोक्ति या कहावत कहते हैं।

       उपर्युक्त परिभाषा के आधार पर लोकोक्तियां के निम्नलिखित लक्षण सिद्ध होते हैं-

1. लोकोक्ति (कहावत) एक वाक्य है।

2. वाक्य का सामान्य अर्थ महत्व का होता है।

3. लोकोक्ति (कहावत) का स्वरूप अपरिवर्तित रहता है।

विशेषताएं:-

कहावतें भाषा सौंदर्य को कलात्मक प्रदान करके निखारती हैं।

इन्हें मानव ज्ञान का घनीभूत रत्न कहा जाता है।

इनमें गागर में सागर होता है।

भाषा में इनके प्रयोग से सजीवता, प्रवाहमयता और लालित्य आ जाता है।

इनसे कार्य व्यापार को स्पष्टता और भाषा को बल मिलता है।

हिंदी और उर्दू दोनों भाषाओं में इनका जितना अधिक प्रयोग होगा उसकी अभिव्यक्ति क्षमता उतनी ही प्रभाव पूर्ण व रोचक होगी।

कहावतों का आधार घटना, दृष्टांत या परिस्थिति होती है।

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