चक्रवात के नामकरण
1- मैक्सिको की खाड़ी -
कैरेबियन एवं मैक्सिको की खाड़ी में आने वाले उष्णकटिबंधीय चक्रवात का प्रारंभ में नामकरण संतो के लिए उसके नाम पर किया जाता था द्वितीय विश्वयुद्ध के दौरान मानव नाम देने की परंपरा शुरू हुई अमेरिका के वायु सेना नौसेना के मौसम वैज्ञानिकों ने अपनी पत्नी और प्रेमिका के नाम पर चक्रवात का नामकरण करना पुनः 1950 मैं अमेरिका के मौसम भी रोने औपचारिक रूप से अक्षरों के नाम देने प्रारंभ किए तूने 1958 से महिलाओं के नाम से पहले स्वर्ग से चक्रवात का नामकरण प्रारंभ हुआ और 1979 पुरुषों के नाम को चक्रवात नाम दिया जाने लगा ।
2- हिंद महासागर क्षेत्र -
2003 में विश्व मौसम विज्ञान संगठन क्षेत्रीय परिषद की बैठक इस्लामाबाद में हुई इस बैठक में भारत पाकिस्तान बांग्लादेश श्रीलंका ओमान थाईलैंड मालदीव और म्यांमार से मिलकर लगभग चक्रवातों के 40 नाम सुझाएं इस सूची में सदस्य देशों को अंग्रेजी वर्णमाला के क्रम में सजाया गया और फिर क्रमबद्ध रूप से उनके द्वारा दिए गए सुझाव के नाम को चक्रवात के नाम दिया गया । जैसे -
पाकिस्तान - फानूस
श्रीलंका - माला ,महासेन
थाईलैंड - मुकदा , फेलिन = 13 जून 2013 को आया था।