गरीबी की जड़ें(Roots of Poverty )

कृषि पर निर्भरता

क्योंकि अधिकांश विकासशील देशों में लोग कृषि पर निर्भर हैं तथा ग्रामीण गरीबी का एक प्रमुख कारण भूमिका अपर्याप्त स्वामित्व है। सामान्यता वेजेस भूमि पर खेती करते हैं वह ज्यादा उत्पादक नहीं होती। किसान ज्यादातर साहूकार या महाजनों के ऋण जाल में फंस जाते हैं तथा गरीबी की स्थिति से बाहर नहीं आ पाते क्योंकि वर्तमान में कृषि में लाभ की संभावना बहुत अल्प होती जा रही है

पर्याप्त रोजगार अवसरों का अभाव

रोजगार की अनुपलब्धता भी गरीबी का एक प्रमुख कारण है ।ज्यादातर ग्रामीण गरीब शहरों में रोजगार की तलाश में आते हैं परंतु शहरों में भी उन्हें उचित रोजगार के अवसर प्राप्त नहीं होते तथा जीवन स्तर भी निम्नतम हो जाता है।

अपर्याप्त बुनियादी ढांचा

शिक्षा एवं स्वास्थ्य जैसी अत्यावश्यक बुनियादी सुविधा के अभाव में गरीबी और अधिक बढ़ती जाती है। क्योंकि अधिकांश लोग बीमार और अस्वस्थ बने रहते हैं और शिक्षा के अभाव के कारण वह लोग शिक्षित नहीं होते और वही पुराने तौर तरीके से अपना जीवन यापन करते हैं। नई चीजों और नई बातों की जानकारी के अभाव में गरीब गरीब ही रह जाता है। 

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