केन्द्रक कि खोज 1821ई मे राबर्ट ब्राउन.ने.किया था।इन्होने बताया कि सामान्यतः एक कोशिका के अन्दर एक ही कोशिका होता है । लेकिन अपवाद स्वरुप एक से अधिक कोशिका हो सकते है।
इसके विषय मे Hommerlin ने1953ई. वताया कि केन्द्रक किसी भी कोशिका का नियन्त्रण कर्ता होता है।इन्होने अपना खोज शैवाल मे किया था।
कोशिका दो प्रकार कि होती है।
1- प्रोकैरियोटिक कोशिका
2- यूकैरियोटिक कोशिका-
प्रोकैरियोटिक कोशिका - इसमे केन्द्रक नही पाया जाता है। ये आध्य प्रकार कि होती है इसमे 70sराइबोसोम मिलते है।। इसमे DNA पाया जाता है। इसके राइडोप्लाज्म मे कोशिका के अंग के.रुप मे केवल राइवोसोम है। नीली हरित शैवाल PPLO विकसित कोशिकाऐ होती है।माइटोकाण्डहै।माइटोकाण्ड्रिया और क्लोरोप्लास्ट को अर्धस्वायत कोशिकांग कहा जाता है। क्योकि इसमे Cell होता है । और इसे कोशिका के वाहर निकाल देने पर.जीवित अवस्था में मिलते है
यूकैरियोटिक कोशिकाऐ- इसमे केन्द्रक पाये जाते हैं। ऐ विकसित कोशिकाऐ होती है इसमे 80sप्रकार के राइबोसोम पाये जाते है । इसमे DNA+hestoproteen होता.है। इसके कोशिका के साइटोप्लाज्म मे राइबोसोम सहित अन्य कोशिकांग होोते है।