● सदन के इतिहास में अब तक सदन में कुल 26 बार अविश्वास प्रस्ताव पास हो चुका है, लेकिन अब तक सिर्फ दो बार ही विजय प्राप्त हुई है ।
● आजाद भारत की संसद में पहली बार अविश्वास प्रस्ताव सन् 1963 में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के विरुद्ध आया था ।
● नेहरू के विरुद्ध जे.बी . कृपलानी ने अविश्वास प्रस्ताव रखा था, बाद में जे .बी. कृपलानी ने पार्टी छोड़कर किसान मजदूर प्रजा पार्टी की स्थापना की जो बाद में सोशलिस्ट पार्टी में परिवर्तित हो गई ।
● भारत के दूसरे प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री के विरूद्ध वर्ष 1964 में एक बार तथा वर्ष 1965 में दो बार अविश्वास प्रस्ताव पेश किए गए थे ।
● वर्ष 1987 में राजीव गाँधी सरकार के विरुद्ध भी एक बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया था ।
● अब तक केवल 3 बार, वर्ष 1990 में वी. पी. सिंह सरकार, वर्ष 1997 में एच. डी देवगौड़ा सरकार तथा वर्ष 1999 में अटल बिहारी बाजपेयी सरकार के विरुद्ध अविश्वास प्रस्ताव पास हुआ व उनकी सरकार गिर गई ।
● अंतिम बार अविश्वास प्रस्ताव वर्ष 2003 में कांग्रेस ने सोनिया गाँधी के नेतृत्व में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली तत्कालीन एनडीए सरकार के खिलाफ पेश किया था ।
● पी. वी. नरसिम्हा राव के कार्यकाल में तीन बार अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था ।
● अब तक लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर 13 बार चर्चा हो चुकी है, जिनमें तीन प्रधानमंत्रियों को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है।
● भारतीय संसदीय इतिहास में सबसे ज्यादा अविश्वास प्रस्ताव का सामना प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार को करना पड़ा ।
● इंदिरा गांधी के खिलाफ विपक्ष 15 बार अविश्वास प्रस्ताव लाया, पर एक भी बार उसे कामयाबी नहीं मिली ।
● सबसे ज्यादा अविश्वास प्रस्ताव पेश करने का रिकॉर्ड मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के सांसद ज्योति बसु के नाम है ।
● ज्योति बसु ने अपने चारों प्रस्ताव इंदिरा गांधी की सरकार के खिलाफ रखे थे ।
● मोरारजी देसाई सरकार के कार्यकाल के दौरान उनके खिलाफ दो बार अविश्वास प्रस्ताव लाया गया ।
● भारत के संसदीय इतिहास में पहली बार विपक्ष के अविश्वास प्रस्ताव को 1978 में सफलता मिली ।
● अपनी हार का अंदाजा लगते ही मोरारजी देसाई ने मत - विभाजन से पहले ही इस्तीफा दे दिया ।
● प्रधानमंत्री के रूप में अटल बिहारी वाजपेयी को दो बार अविश्वास प्रस्ताव का सामना करना पड़ा था ।
क्या है अविश्वास प्रस्ताव?
● अविश्वास प्रस्ताव निचले सदन अर्थात् लोकसभा और विधानसभा में विपक्ष द्वारा प्रस्तुत किया जाता है ।
● यह प्रस्ताव केंद्र सरकार के विरुद्ध लोकसभा तथा राज्य सरकार के विरुद्ध विधानसभा में लाया जाता है ।
● इसके लाने से मौजूदा सरकार के गिरने की संभावना बढ़ जाती है, लेकिन यह केवल विश्वास मत साबित नहीं करने पर लागू होता है ।
● अविश्वास प्रस्ताव द्वारा विपक्षी दल मौजूदा सरकार के प्रति विरोध प्रकट कर सरकार गिराने की मांग करते हैं ।
*** विपक्ष द्वारा संसद में 20 जुलाई, 2018 को पेश किए गए अविश्वास प्रस्ताव में केंद्र सरकार बचने में सफल रही और अविश्वास प्रस्ताव गिर गया ।
● अविश्वास प्रस्ताव हेतु डाले गए कुल 451 वोटों में से इसके पक्ष में केवल 126 वोट, जबकि विरोध में 325 वोट डाले गए ।
● टीडीपी सांसद की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा करने हेतु लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन द्वारा 20 जुलाई, 2018 का दि तय किया गया था ।
● विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर लगभग 11 घंटे लंबी बहस चली ।
● लोकसभा में केंद्र सरकार के विरुद्ध प्रथम बार अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग हुई ।
● इस अविश्वास प्रस्ताव को कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, समाजवादी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के 50 सदस्यों का समर्थन प्राप्त था ।