भारत से बच्चे गोद लेने हेतु ऑस्ट्रेलिया में प्रतिबंध समाप्त

ऑस्ट्रेलिया सरकार ने गोद लेने से जुड़ी   हेग संधी (हेग convention ) की व्यवस्थाओं के तहत भारत से बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया बहाल करने का फैसला किया है। यह जानकारी महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा 14 अगस्त 2018 को दी गई।

  • ऑस्ट्रेलिया सरकार मैं बच्चों तथा महिलाओं से जुड़े सहायक मंत्री डेविड गिलेस्पी (David Gillespie ) ने भी इस बात की पुष्टि। उन्होंने कहा कि भारत में हेग कन्वेंशन के अनुपालन हेतु अपनी प्रक्रियाओं में सुधार किया है इसीलिए भारत अब ऑस्ट्रेलिया की एडॉप्शन लिस्ट में शामिल 13 देशों के साथ फिर से जुड़ सकता है।
  • बच्चों को दूसरे देशों में गोद लेने का काम करने वाली कुछ  पंजीकृत भारतीय एजेंसियो के बच्चों की तस्करी मे लिप्त होने की खबरों के बाद  ऑस्ट्रेलिया सरकार ने भारत से बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया पर वर्ष 2010 में रोक लगा दी थी।
  • गौरतलब है कि भारत सरकार ने 'किशोर न्याय कानून, 2015' (juvenile justice act 2015) लागू करके तथा गोद लेने की प्रक्रिया 2017 (Adoption Regulations 2017) की अधिसूचना जारी कर दूसरे देशों में बच्चों को गोद लेने की प्रक्रिया को सख्त बना दिया है।
  • गोद लेने की प्रक्रिया बहाल हो जाने से ऑस्ट्रेलिया में बसे भारतीय मूल के नि:संतान दंपत्तियों सहित बच्चों को गोद लेने के इच्छुक कई लोग भारत से बच्चे को गोद लेने की अपनी इच्छा पूरी कर पाएंगे।
  • उल्लेखनीय है कि भारत सरकार ने उन संभावित माता पिता के लिए नीति को उदार भी किया है जिन्होंने बीमारियां दुर्घटना के कारण अपने बच्चे या बच्चों को खो दिया है। साथ ही सरकार 40 से अधिक उम्र वाली महिलाओं को प्राथमिकता भी दे रही है।
  • आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार  , पिछले 3 वर्षों में विदेशी नागरिकों द्वारा कुल 1906 भारतीय बच्चों को गोद लिया गया। इस प्रकार विदेशी नागरिकों द्वारा प्रतिवर्ष औसतन 650 भारतीय बच्चे गोद लिए गए। 
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