पूर्व मध्यकाल-7 उड़ीसा

उड़ीसा

      उड़ीसा के जगन्नाथ मंदिर का अनन्तवर्मन (1076-1148ई0) ने करवाया था। वह गंगवंशीय था।

      नरसिंह वर्मन प्रथम (1238-64ई0) ने पुरी के कोर्णाक के सूर्यमन्दिर का निर्माण करवाया तथा जगन्नाथ मंदिर के निर्माण को पूर्ण करवाया। यह भी गंगवंशीय शासक था।

      उड़ीसा में सूर्यवंशी राजवंश की स्थापना कपिलेन्द्र गजपति ने किया। उसने गौड़ेश्वर की उपाधि धारण किया।

गुर्जर प्रतिहार वंश

      गुर्जर प्रतिहार वंश का संस्थापक नागभट्ट प्रथम था।

      कन्नौज पर अधिपत्य को लेकर शुरू हुये त्रिपक्षीय संघर्ष की शुरूआत पाल शासक धर्मपाल ने की थी। 200 वर्षो तक चले इस संघर्ष में अन्तिम सफलता गुर्जर प्रतिहार शासक मिहिर भोज को प्राप्त हुई थी।

      त्रिपक्षीय संघर्ष में शामिल पक्ष थे-गुर्जर प्रतिहार, राष्ट्रकूट और पाल।

      प्रतिहार वंश का सबसे शक्तिशाली राजा मिहिर भोज था।

कन्नौज के गहड़वाल वंश

      गहड़वाल वंश का संस्थापक चन्द्रदेव था।

      इसकी राजधानी वाराणसी (काशी) थी।

      इस वंश का सर्वाधिक शक्तिशाली राजा गोविन्दचन्द्र था।

      इस वंश का अन्तिम शासक इतिहास प्रसिद्ध जयचन्द्र था।

      चन्दावर का युद्व-1194 ई0 में जयचन्द्र मुहम्मद गोरी से चन्दावर के युद्ध में पराजित हुआ था।

      चन्दबरदाई पृथ्वीराज तृतीय का राजकवि था उसने पृथ्वीराज रासों की रचना की थी।

मालव का परमार वंश

      परमार वंश का संस्थापक उपेन्द्र राज था इसकी राजधानी धारा नगर थी।

      परमार वंश के राजा भोज को कविराज की उपाधि से विभूषित किया गया था।

      भोजपुर नगर की स्थापना राजा भोज ने की थी।
Posted on by