बुन्देलखण्ड के चन्देल वंश
बुन्देलखण्ड का प्राचीन नाम जैजाकभुक्ति था।
चन्देल वंश का संस्थापक नन्नुक था। इसकी राजधानी खजुराहांे थी।
राजा ध्ंाग ने अपनी राजधानी खजुराहों से कलिंजर स्थानान्तरित किया था।
चन्देल राजा विद्याधर ने महमूद गजनवी कड़ा प्रतिरोध किया था।
गुजरात के सोलंकी वंश
सोलंकी वंश का संस्थापक मूलराज प्रथम था।
गुजरात में स्वतंत्र राज्य की स्थापना मुजफ्फरशाह 1398 ई0 में किया।
अहमद शाह (1441-1442) आसवाल के प्राचीन नगर के स्थान पर अहमदाबाद नामक नवीन नगर की स्थापना कर उसे अपनी राजधानी बनाया।
अहमदशाह सर्वप्रथम गुजरात में जजिया कर लगाया।
महमूद बेगड़ा (1459-1511) के समय में गुजरात में पुर्तगाली उपस्थित हुए। उसने पुर्तगालियों के विरूद्ध मिस्र एवं तुर्की से संधि किया था।
बहादुरशाह (1526-37) गुजरात का अन्तिम शासक था।
बहादुरशाह के समय में ही हुमायूँ ने गुजरात की विजय किया था।
1537 में पुर्तगालियों ने बहादुरशाह की हत्या कर दी।
भीम प्रथम के शासन काल में महमूद गजनबी ने सोमनाथ(शैव मंन्दिर) के प्रसिद्व मन्दिर को लूटा था। मन्दिर मंे स्थित भगवान शिव के खड़े सोने की मूर्ति को अनेक टुकड़ों में तुड़वाकर वह अपने साथ गजनी ले गया था।
भीम प्रथम के सामन्त विमलादित्य ने आबूपर्वत पर दिलवाड़ा का प्रसिद्व जैन मंन्दिर बनवाया।