जीव विज्ञान - कोशिका : जीवन की ईकाई ( Cell : Unit Of Life) Part-1

कोशिका : जीवन की ईकाई ( Cell : Unit Of Life) 

कोशिका सभी जीवों की संरचना व कार्यात्मक इकाई है। सभी कोशिकाएं, चाहे वे एककोशिक जीव के रूप में विद्यमान हों या बहुकोशिक जीवों के अंश के रूप में, कुछ आधारभूत कार्य सम्पन्न करती हैं, जैसे – श्वसन और पोषण आदि जो उनकी उत्तरजीविता के लिए अनिवार्य हैं। कोशिका जीव द्रव्य से बनी होती हैं। इनमें से अधिकतर अणु हैं, जैसे – प्रोटीन, कार्बोहाइड्रेट, वसा, न्यूक्लिक अम्ल आदि।

                  लगभग 330 वर्ष पूर्व सन् 1665 में रॉबर्ट हुक नामक एक अंग्रेज वैज्ञानिक ने कॉर्क की पतली सी पर्त को काट कर जब सुक्ष्मदर्शी से देखा तो उन्हें उसमें अनेक कोष्ठक या कोठरियां (Boxes, Chambers) दिखाई दिए जो कि आपस में सटे हुए थे। सभी मिलकर ऐसे दिख रहे थे जैसे कि मधुमख्खी का छत्ता। उन्होने प्रत्येक कोठरी को सेल (Cell) कहा, जिसे हम हिन्दी में कोशिका कहते हैं।

                 अनेक वैज्ञानिकों ने बाद में अनेक जीवधारियों का अध्ययन किया। प्रत्येक जन्तु या पौधे में ऐसी ही रचनाएं पाई गईं।

                 सन् 1838-39 में दो जर्मन वैज्ञानिकों श्लीडेन (1839) तथा श्वान (1838) ने आखिरकार कोशिकावाद (Cell Theory) का प्रस्ताव दिया, जिसके अनुसार,

  1. सभी जीवधारी कोशिकाओं के उत्पादों से बनते हैं।
  2. कोशिकाएं जीवधारियों की मूलभूत संरचनात्मक इकाइयां (Fundamental structural units) हैं।

      कालान्तर में यह भी सिध्द हो गया कि कोशिकाएं जीवधारियों की केवल संरचनात्मक इकाइयां ही नहीं हैं, बल्कि क्रियात्मक (Functional) इकाइयां भी हैं। सभी जैविक क्रियाएं कोशिकाओं में ही होती हैं।

अभी जारी है ...

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