परिचय
अंग्रेजी शब्द Geography दो लैटिन भाषा के शब्दों जियो और ग्राफी से मिलकर बना है । अतः भूगोल को पृथ्वी के अध्ययन से संबंधित विषय के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।
भूगोल विषय के दो उपागम महत्वपूर्ण रहे हैं - पहला प्रादेशिक उपागम दूसरा क्रमबद्ध उपागम
1- प्रादेशिक उपागम अद्वितीय की विचारधारा पर आधारित है और इसके अनुसार किन्ही दो स्थानों के बीच कोई समानताएं नहीं होती। यह उपागम निष्कर्ष निकालने और सिद्धांत निर्माण की क्रिया की आज्ञा नहीं देता है।
2- क्रमबद्ध उपागम सार्वभौमिकता की विचारधारा पर आधारित है। इसके अनुसार यद्यपि सभी प्रदेश एक दूसरे से भिन्न है परंतु विश्व के विभिन्न भागों में कुछ समानताएं भी पाई जाती हैं। इस उपागम के अनुसार भूगोल एक विवेचनात्मक एवं विश्लेषणात्मक विषय हैं।
भूगोल की विविध शाखाएं
A- भौतिक भूगोल
1- भू आकृति विज्ञान में भूतल की बनावट का अध्ययन होता है। भूतल का निर्माण करने वाले पदार्थों का भी अध्ययन होता है।
2- जलवायु विज्ञान में वायुमंडल के संगठन उनकी संरचना ऊर्जा तथा वायुमंडल में होने वाले परिवर्तनों का अध्ययन होता है।
3- समुद्र विज्ञान में तापमान लवणता घनत्व और समुद्र में होने वाली गतिविधियों का अध्ययन किया जाता है।
4- जैव भूगोल में जीवो एवं वनस्पतियों के उनके पर्यावरण से संबंध हो का अध्ययन होता है । भूगोल की शाखा को पारिस्थितिकी भी कहा जाता है।
B- मानव भूगोल- मानव भूगोल में पृथ्वी पर मानवीय क्रियाओं का अध्ययन किया जाता है। इसके अंतर्गत मानव समूह तथा उनकी सांस्कृतिक विशेषताओं का अध्ययन होता है। इसकी कुछ महत्वपूर्ण शाखाएं निम्नलिखित हैं-
1- जनसंख्या भूगोल
2- सांस्कृतिक भूगोल
3- अधिवास भूगोल
4- राजनीतिक भूगोल
C- आर्थिक भूगोल मैं आर्थिक क्रियाओं के स्थानिक प्रारूपों का अध्ययन होता है । इसके अतिरिक्त यह शाखा विभिन्न आर्थिक क्रियाओं के विकास में भौतिक तथ्यों के प्रभाव और भूमिका का अध्ययन तथा प्रादेशिक विशिष्टीकरण व आर्थिक क्रियाओं और व्यापार आदि की वृद्धि का अध्ययन भी करती है ।इसकी उपशाखाएं निम्नलिखित हैं-
1- कृषि भूगोल
2- औद्योगिक भूगोल
3- परिवहन भूगोल
4- संसाधन भूगोल
( मित्रों भूगोल की नोट्स क्रमबद्ध रूप में प्रस्तुत करने का प्रयास किया है जो क्रमशा जारी रहेगा। मेरा प्रयास कैसा है उसके बारे में अवश्य बताएं)