भूगोल- पृथ्वी की उत्पत्ति

 पृथ्वी की उत्पत्ति-

  • ग्रहों की उत्पत्ति से संबंधित अवधारणा सर्वप्रथम कांट ने प्रस्तुत की थी । यह सिद्धांत गैसीय सिद्धांत के नाम से प्रसिद्ध है।
  • लाप्लास ने पृथ्वी की उत्पत्ति के संबंध में निहारिका परिकल्पना का प्रतिपादन किया। इस सिद्धांत के अनुसार पृथ्वी की उत्पत्ति अनेक छल्लो में से एक छल्ले से हुई है जो कि एक निहारिका के घूमते-घूमते ठंडे होने और सिकुड़ने की क्रिया से गति में विभेद के परिणाम स्वरुप इस निहारिका से अलग हो गए थे।
  • पृथ्वी की उत्पत्ति से संबंधित एक सिद्धांत जींस और जैफ्रीज द्वारा प्रतिपादित किया गया इनके मतानुसार अंतरिक्ष में दो तारे उपस्थित थे । इस सिद्धांत को ज्वारीय परिकल्पना के नाम से जाना जाता है।
  • पृथ्वी की उत्पत्ति के संदर्भ में सबसे विस्तृत सिद्धांत बिग बैंग सिद्धांत को माना जाता है। इस सिद्धांत का प्रतिपादन जॉर्ज लेमेटेयर तथा राबर्ट बेगोनर ने ब्रह्मांड, आकाशगंगा तथा सौरमंडल की उत्पत्ति की व्याख्या करने के लिए किया था । इस मत के अनुसार लगभग 15 अरब वर्ष पहले भारी पदार्थों से निर्मित एक विशाल नेबुला था जिसमें एकाएक विस्फोट होने से पदार्थ चारों और बिखर गया। इस बिखरे पदार्थ के कणों के पुनः सृजन से अनेक पिंड उत्पन्न हुए जिससे आकाशगंगा का जन्म हुआ ।ब्रह्मांड में लगातार विस्तार होने से आकाशगंगाओं के मध्य दूरी बढ़ती गई । बाद में आकाशगंगाओं में भी विस्फोट हुए जिनसे प्राप्त पदार्थों में तारे बने और तारों में पुनः विस्फोट होने से सौर मंडल तथा ग्रहों की उत्पत्ति हुई।

 

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