आरंभ में, मंगल ग्रह के लिए जितने भी मानव मिशन रहे हैं, वह वैज्ञानिक अन्वेषण ऊपर ज्यादा केंद्रित रहे हैं। इन अन्वेषणों में मंगल ग्रह पर जीवन तथा तरल जल की उपस्थिति का प्रमाण का पता लगाना खनिज मानचित्रण अभियान संसाधन संग्रह तुलनात्मक गृह विज्ञान और तमाम अन्य कार्यक्रम शामिल है। मंगल ग्रह के बारे में जानकारी से हमें हमारे अपने ग्रह के बारे में भी बहुत सी ऐसी बातें जैसे कि वह विज्ञान से लेकर जलवायु विज्ञान तक पता लग सकता है। जो कि हम को केवल पृथ्वी पर ध्यान केंद्रित से नहीं मिल सकती तथा इसकी सत्यता भी तुलनात्मक रुप से अधिक होगी।
मंगल ग्रह के अंवेषण में सबसे महत्वपूर्ण वैज्ञानिक सवाल जिसका हल ढूंढना है। वह यह कि अतीत में मंगल ग्रह पर पानी की गतिविधि ने समय के साथ इस के वातावरण को किस प्रकार प्रभावित किया है। आज जबकि मंगल ग्रह की सतह पर पानी नहीं है , लेकिन मंगल ग्रह की चट्टानों खनिजों और वह गर्मी तथा भू आकृतियों में विशेष रूप से ऐसे जगह जिनका निर्माण केवल पानी की उपस्थिति में ही हो सकता है। अतीत में पानी होने के साथ का पता लगाया जा सकता है। मंगल ग्रह के बारे में जानने से हमें हमारे सौरमंडल की दूसरी दुनिया के निर्माण और संरचना के बारे में भी जानकारी प्राप्त हो सकती है।
मंगलयान के साथ थर्मल इंफ्रारेड इमेजिंग स्पेक्ट्रोमीटर भेजा गया है , जो तापीय उत्सर्जन का मापन, सतह के संगठनों का मानचित्रण और मंगल ग्रह के खनिज के बारे में पता लगाएगा । नासा के क्यूरोसिटी रोवर तथा मंगलयान से प्राप्त निष्कर्षों से हमें लाल ग्रह के लिए प्रथम मानव में सबसे पहले , मंगल ग्रह की सत्ता को समझने में सहूलियत होगी।