रजिया सुल्तान के पतन के कारण ( Reasons for the fall of Razia Sultan in hindi ) रजिया सुल्तान के पतन के कई कारण थे जिनमें से सबसे प्रमुख कारण उनका एक स्त्री होना था। दरअसल, मुस्लिम समाज के लोग एक स्त्री द्वारा प्रदेश को शासित होना अपमान समझते थे और इस्लाम भी एक स्त्री का शासक होना अनुचित मानता थाl रज़िया सुल्तान की समाधि/कब्र,
मोहल्ला बुलबुली खान, तुर्कमान गेट, दिल्ली[1][2]
शासनावधि
1236 - 1240
राज्याभिषेक
10 नवंबर, 1236
पूर्ववर्ती
रूकुनुद्दीन फ़ीरोज़शाह
उत्तरवर्ती
मुईज़ुद्दीन बहरामशाह
जन्म
1205
बदायूँ 1240
निधन
14 अक्टूबर, 1240
कैथल, हरियाणा
समाधि
मोहल्ला बुलबुली खान, तुर्कमान गेट चांदनी चौक, दिल्ली; कैथल, हरियाणा
घराना
गुलाम वंश
पिता
शम्स-उद-दिन इल्तुतमिश
माता
कुतुब बेगम
धर्म
इस्लाम
दिल्ली में सुल्तान की अनुपस्थिति का लाभ उठाकर रजिया लाल वस्त्र पहन कर (न्याय की मांग का प्रतीक) नमाज के अवसर पर जनता के सम्मुख उपस्थित हुई।
उसने शाहतुर्कान के अत्याचारों और राज्य में फैली अव्यवस्था का वर्णन किया तथा आश्वासन दिया कि शासक बनकर वह शांति एवं सुव्यवस्था स्थापित करेंगी। रजिया से तुर्क अमीर और आम जनमानस प्रभावित उठे जनता ने राज महल पर आक्रमण कर शाहतुर्कान को गिरफ्तार कर लिया एवं रजिया सुल्तान घोषित कर दिया फिरोजशाह जब विद्रोहियों से भयभीत होकर दिल्ली पहुंचा तब उसे भी कैद कर लिया गया तथा उसकी हत्या कर दी गई नवंबर 1236 ई. में रजिया सुल्तान के पद पर प्रतिष्ठित हो गई