जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक: 2018

बांन(जर्मन) मैं आयोजित जलवायु परिवर्तन सम्मेलन के दौरान 'जलवायु परिवर्तन प्रदर्शन सूचकांक 2018' जारीी किया गया। यह सूचकांक क्लाइमेट एक्सन नेटवर्क एवं जर्मन वाच  द्वारा तैयार किया गया। सर्वाधिक कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित करने वाले विश्व के 57 देशों के जलवायु परिवर्तन से लड़ने के लिए किए गए उपायों का नीतियों के आधार पर इस सूचकांक की रैंकिंग तय की गई है।  इस सूचकांक  में भारत की रैंकिंग 6 अंकों के सुधार के साथ 14 है। 2017 में भारत को 20वीं रैंकिंग प्राप्त थी। भारत को जलवायु परिवर्तन केे मामले में इस वर्ष रेटिंग/ वर्ग में रखा गया है, जबकि गत् वर्ष में मध्यम रेटिंग /वर्ग में स्थित था। हालांकि निम्नतम रैंकिंग सऊदी अरब को दी गई है । इस सूचकांक में सर्वोच्च रैंकिंग स्वीडन को प्राप्त हुई है। उसके पश्चात लिथुआनियाा एवं मोरक्को का स्थान है। वैसे स्वीडन को सर्वोच्च रैंकिंग प्राप्त होनेेे के बावजूद 1 से 3 रैंक पर किसी देश को नहीं रखा गया है। इसका मतलब यह है कि विश्वव का कोई भी देश जलवायुुुु परिवर्तन में सुधाार के लिए अपनााा शत-प्रतिशत मानक परिणाम नहीं दे रहा है ।

स्वीडन                       4

लिथुआनिया               5

मोरक्को                      6

नार्वे                            7

यू.के                           8

फिनलैंड                     9

भारत                      14

चीन                        41

कनाडा                    51

रूस                        53

यू एस ए                  56

आस्ट्रेलिया              57

सऊदी अरब            60

Posted on by