शतरंज मास्टर R प्रगनंदा...........

चेन्नै के प्रगनंदा ने रचा इतिहास, बने दूसरे सबसे कम उम्र के ग्रैंड मास्टर

टाइम्स न्यूज नेटवर्क | Updated Jun 24, 2018, 01:48 PM IS

चेन्नै के आर. प्रगनंदा ने शतरंज की दुनिया में शनिवार को इतिहास रच दिया। 12 साल के पराग सबसे कम उम्र में ग्रैंड मास्टर बनने वाले दुनिया के दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। पराग ने यह मुकाम 12 साल, 10 महीने और 13 दिन की उम्र में हासिल किया है। वहीं सबसे कम उम्र में ग्रैंड मास्टर बनने का रेकॉर्ड यूक्रेन के सर्जेई कर्जाकिन के नाम है। कर्जाकिन ने 1990 में 12 साल 7 महीने की उम्र में यह रेकॉर्ड अपने नाम किया था, जो आज भी बरकरार है। 

इटली में संपन्न हुए ग्रेडाइन ओपन में प्रगनंदा ने शानदार चेस खेलते हुए ग्रैंड मास्टर बनने में दूसरे सबसे युवा खिलाड़ी बनने का गौरव हासिल किया। इस मुकाम को हासिल करने के लिए पराग ने इटली के ही जी एम लुका मोरोनी जूनियर को 8 राउंड में मात दी ।प्रगनंदा को इस उपलब्धि पर विश्वनाथन आनंद ने भी बधाई दी है। विश्वनाथन ने ट्वीट करते लिखा है, 'प्रगनंदा, क्लब में शामिल होने पर स्वागत है और ढेर सारी बधाई। जल्द ही चेन्नै में मिलेंगे।'

भारत में विश्व नाथन आनंद को ही शतरंज मास्टर कहा जाता है। जिसने की भारत का नाम विश्व भर में रोशन किया है। लेकिन भविष्य में भारत का नेतृत्व कर्ता शतरंज की दुनिया का मिलता हुआ नजर आ रहा है।

Posted on by