चिन्तामणि कार (1915 ई0-2005 ई0)

चिन्तामणि कार (1915 ई0-2005 ई0)

    जन्म:- 1915 ई0 - खड़गपुर (पश्चिम बंगाल)
     मृत्यु:- 2005 ई0।

  • इण्डियन सोसायटी आॅफ ओरियन्अल आर्ट स्कूल कोलकाता से कला डिप्लोमा तथा पेरिस में मूर्तिकला का अध्ययन किया।
  • उड़ीसा के मूर्तिकार गिरधारी महाराणा के साथ भी कार्य किया, और मंदिर शिल्प व लोककला से प्रभावित हुए।
  • चित्रकला का अध्ययन क्षितीन्द्रनाथ के सानिध्य में किया।
  • टेराकोटा, प्लास्टर, कांसा, लकड़ी, प्रस्तर आदि पर प्रयोग किया। 
  •  स्केटिंग व स्टैग (कांस्य) शिल्प में हवा की गति में भी संतुलन खोजा है। तथा उड़ने की एक मुद्रा को पकड़ा है।
  •  यह शिल्प 1948 ई0 में चतुर्थ ओलम्पियाड़ के इन्टरनेशनल कम्पटीशन आॅफ स्पोर्ट आर्ट लंदन में पुरस्कृत हुआ।
  • ऊषा व सबितार (टेराकोटा) में फंतासी, बैठी हुयी नारी आकृति (टेराकोटा) में अद्भुत घनत्व, मदर व चाइल्ड में मूलभूत संबंध है।
  • पद्म भूषण - भारत सरकार।
  •  देशकोत्तम - विश्व भारतीय विश्वविद्यालय से।
  • पुस्तक - क्लासिकल इण्डियन स्कल्पचर। इण्डियन मेटल स्कल्पचर।
  • फिल्म - दग्रावेन इमेज, द स्कल्पचर स्पीक्स लघुफिल्मांकन- जो आपके शिल्पों पर बनी है।
  • नोट:- दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट के सामने लगी मूर्ति को इन्होंने बनाया।
  • इनके शिल्पों पर द ग्रावेन इमेज तथा द स्कल्पचर स्पीक्स नामक दो लघु फिल्मांकन भी किये गये।
     
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