जेरिकाल्ट/जेरिको (1791 - 1824 ई0)

               जेरिकाल्ट/जेरिको (1791 - 1824 ई0)

    कला के क्षेत्र में परम्परागत आदर्शों को ठुकराकर नैसर्गिक भावनाओं द्वारा कला का निर्माण कार्य रोमांसवादी कलाकारों ने शुरू किया। जो फ्रांसीसी दार्शनिक रूसों के सिद्धान्तों के अनुरूप था। इस रोमांसवाद को स्पष्ट रूप देने का श्रेय जेरिकाल्टो को जाता है।
    जेरिकाल्ट द्वारा 1819 ई0 में बनाया गया चित्र मेदुसा का बेड़ा। राफ्ट आॅफ मेदुसा पहला रोमांसवादी चित्र माना जाता है।
    यह चित्र मेदुसा नामक युद्धपोत के दुर्घनाग्रस्त और कई लोगों के मारे जाने से सम्बन्धित है। इस चित्र को बनाने के लिए जेरिको ने मृत्युसय्या पर पड़े यात्रियों तथा मृतकों को प्रत्यक्ष जाकर देखा था।
    जेरिको अपने घर में लाशों को भी रखता था, ताकि उसका प्रत्यक्ष चित्रण कर सके, और उसने पागलखाने में जाकर कई रेखाचित्र भी बनाये जिसमें पागल हत्यारा प्रमुख चित्र है।
    जेरिको के अन्य चित्रों में राइडर लेस, रेसस एट रोम नामक चित्र बनाया था, जिसमें घोड़ों का गतिशील एवं प्रभावशाली चित्रण है।
    जेरिको को बचपन से ही घोड़े अत्यधिक पसन्द थे। उसने घोड़ों के कई चित्र बनाये तथा जीवन के 33वें वर्ष में जेरिको की घोड़े से गिरकर मृत्यु भी हो गई।
    नोट:- फ्रांस की रूमानी कला का जनक भी जेरिकाल्टो को माना जाता है।
 

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