:एक प्रकार का क़ानूनी आज्ञापत्र (writ, रिट) होता है ।
:जिसके द्वारा किसी ग़ैर-क़ानूनी कारणों से गिरफ़्तार व्यक्ति को रिहाई मिल सकती है।
:बंदी प्रत्यक्षीकरण आज्ञापत्र अदालत द्वारा पुलिस या अन्य गिरफ़्तार करने वाली राजकीय संस्था को यह आदेश जारी करता है कि बंदी को अदालत में पेश किया जाए और उसके विरुद्ध लगे हुए आरोपों को अदालत को बताया जाए।
:यह आज्ञापत्र गिरफ़्तार हुआ व्यक्ति स्वयं या उसका कोई सहयोगी (जैसे कि उसका वकील) न्यायलय से याचनचिका दायर करके प्राप्त कर सकता है।
:पुराने ज़माने में पुलिस पर कोई लगाम नहीं थी और वे किसी भी साधारण नागरिक को गिरफ़्तार कर लें तो किसी को भी जवाबदेह नहीं होते थे