सिंधु सभ्यता

  • रेडियो कार्बन C14 के आधार पर सिंधु सभ्यता की सर्वमान्य तिथि 2350 ईसा पूर्व से 1750 ईसापूर्व मानी गई है।
  • सिंधु सभ्यता आधे ऐतिहासिक काल में संबंध मानी गई है क्योंकि इसकी अभी तक कोई भी चित्रात्मक लिपि नहीं पढ़ी जा सकी है
  • व्हीलर ने हड़प्पा को सुमेरियन सभ्यता का उपनिवेश कहां है
  • सर जॉन मार्शल सिंधु सभ्यता शब्द का प्रयोग करने वाले पहले पुरातत्वविद थे
  • सिंधु सभ्यता की खोज रायबहादुर दयाराम साहनी तथा राखल दास बनर्जी ने की
  • सिंधु सभ्यता को कांस्य युग से रखा गया है
  • हड़प्पा सभ्यता से 4 प्रजातियों के अस्तित्व प्राप्त हुए हैं इनमें सर्वाधिक संख्या भूमध्यसागरीय लोगों की थी इसके अलावा प्रोटो ऑस्ट्रेलॉयड, मंगोलॉइड तथा अल्पाइन लोगों का भी निवास था । यहां नीग्रो प्रजाति के लोग नहीं रहते थे। 
  • सिंधु सभ्यता की सर्वाधिक पश्चिमी स्थल सुतकांगेडोर (बलूचिस्तान) पूर्वी स्थल आलमगीरपुर (जिला मेरठ उत्तर प्रदेश)  उत्तरी स्थल मॉंदा (अखनूर- जम्मू कश्मीर)  एवं दक्षिणी स्थल दायमाबाद (अहमदनगर, महाराष्ट्र)   है। 
  • सिंधु सभ्यता नगरीय सभ्यता थी सिंधु सभ्यता से प्राप्त स्थलों में केवल 6 को बड़े नगर की संज्ञा दी गई है यह नगर है- मोहनजोदड़ो,  हड़प्पा,  लोकल,  धौलावीरा चन्हुदड़ो,  कालीबंगन।
  • सिंधु सभ्यता की लिपि भाव चित्रात्मक थी यह लिपि दाएं से बाएं और बाएं से दाएं लिखी जाती थी। 
  • सिंधु सभ्यता के लोगों ने नगरों तथा घरों के विन्यास के लिए ग्रीड पद्धति अपनाई। 
  • घरों के दरवाजे और खिड़कियां सड़क की ओर ना खुल कर पीछे की ओर खुलते थे केवल लोथल नगर के घरों के दरवाजे मुख्य सड़क की ओर खुलते थे। 
  • सिंधु सभ्यता की मुख्य फसलें- गेहूं और जौ थी। 
  • माप की इकाई संभवत :16 के अनुपात में थी। 
  • मोहनजोदड़ो से प्राप्त अन्नागार सिंधु सभ्यता की सबसे बड़ी इमारत है। मोहनजोदड़ो से प्राप्त वृहत स्नानागार एक प्रमुख स्मारक है,  जिस के मध्य स्थित स्नान कुंड वन 1.8 8, मीटर लंबा,  7.0 मीटर चौड़ा एवं 2.43 मीटर गहरा है। 
  • मोहनजोदड़ो से प्राप्त एक सेल पर तीन मुख्य वाले देवता पशुपतिनाथ की मूर्ति मिली है उनके चारों ओर हाथी, गेंडा, चीता एवं भैया विराजमान हैं। 
  • मोहनजोदड़ो से नर्तकी की एक कांस्म मूर्ति मिली है
  • हड़प्पा सभ्यता के नगर नियोजन आयताकार आकृति में किया गया था
  • हड़प्पा सभ्यता का विस्तार त्रिभुजाकार तथा एवं उसका क्षेत्रफल 12,99, 600 किलोमीटर था।
  • हड़प्पा की मुहरों पर सबसे अधिक एक श्रृंगी पशु का अंकन मिलता है
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