दिल्ली सल्तनत काल
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वंश
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वर्ष (शासन करने का समय)
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1.
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तुगलक वंश
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94 वर्ष (सबसे अधिक समय तक शासन)
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2.
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ममूलक (गुलाम) वंश
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84 वर्ष
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3.
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लोदी वंश
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76 वर्ष
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4.
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सैय्यद वंश
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36 वर्ष
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5.
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खिलजी वंश
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30 वर्ष (सबसे कम समय तक शासन
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गुलाम वंश (1206-1290)
कुतुबुद्दीन ऐबक (1206-1210)
दिल्ली सल्तनत का प्रथम शासक कुतुबुद्दीन ऐबक था। कुतुबुद्दीन ऐबक न तो सुल्तान की उपाधि धारण की और न अपने नाम से सिक्का चलाया। वह मलिक एवं सिपहसलार की पदवीं से ही संतुष्ट रहा।
कुव्वत-उल-इस्लाम मस्जिद का 27 जैन मंदिरों के खण्डहरों पर तथा अढ़ाई दिन का झोपड़ा (अजमेर) एक संस्कृत विद्यालय पर निर्मित है। इसकी दीवार पर चैहान शासक विग्रहराज चतुर्थ द्वारा लिखित हरिकेलि नामक नाटक के कुछ अंश उद्धृत है।
कुतुबुद्दीन ऐबक द्वारा 1206ई0 में गुलाम वंश की स्थापना की गयी। यह मोहम्मद गोरी का गुलाम था। इसे 1208 ई0 में दासता (गुलाम) से मुक्ति मिली।
कुतुबुद्दीन ऐबक ने अपनी राजधानी लाहौर को बनाया और वही से शासन किया।
सूफी संत कुतुबुद्दीन बख्तियार काकी की स्मृति मंे कुतुबुद्दीन ने कुतुबमीनार के निर्माण की शुरूआत की जिसे इल्तुतमिश द्वारा पूरा कराया गया तथा आकाशीय बिजली गिरने के कारण क्षतिग्रस्त ऊपरी मंजिल की मरम्मत फिरोज शाह तुगलक द्वारा करायी गयी और कुतुबमीनार में एक अतिरिक्त मंजिल जोड़ दी गयी। कुतुबमीनार पाँच मंजिला है।
दिल्ली का कुवत-उल-इस्लाम मस्जिद एवं अजमेर का ढाई दिन का झोपड़ा (मस्जिद) का निर्माण ऐबक ने करवाया था।
ऐबक को लाख-बख्श (लाखो का दान देने वाला) तथा कुरान खाँ, हातिम द्वितीय की उपाधि प्राप्त थी।
ऐबक की मृत्यु चैगान (आधुनिक पोलो के सदृश्य) खेलते समय 1210ई0 में घोडे़ से गिरकर हो गयी थी।