लोकतंत्र में राजनीतिक दलों के महत्व को निम्नलिखित रूपों में स्पष्ट किया जा सकता है-
- लोकतंत्र में लोकमत का निर्माण तथा उसकी अभिव्यक्ति राजनीतिक दलों द्वारा ही संभव है । लोकमत का निर्माण करने के लिए राजनीतिक दल जलसे एवं अधिवेशन आयोजित करते हैं।
- वर्तमान में विश्व के सभी देशो में व्यस्क मताधिकार को अपनाया गया है राजनीतिक दल , अपने दल की ओर से उम्मीदवारों को चुनाव में खड़ा करते हैं तथा उनके पक्ष में प्रचार करते हैं। आज के विशाल लोकतांत्रिक राज्यों में चुनावों का संचालन करने के लिए राजनीतिक दलों का होना अति आवश्यक है।
- लोकतांत्रिक शासन में जनता के सभी वर्गों को प्रतिनिधित्व राजनीतिक दलों द्वारा ही प्रदान किया जाता है।
- संसाधन तथा अध्यक्षात्मक दोनों ही प्रकार की शासन-व्यवस्थायों में निर्वाचन के बाद सरकार का गठन राजनीतिक दलों द्वारा ही किया जा सकता है।
- लोकतंत्रात्मक शासन व्यवस्था में प्रभावशाली विरोधी दल का होना भी अति आवश्यक है। लोकतंत्र में अल्पमत या विपक्षी दल कभी बहूमत प्राप्त दल के सामान ही महत्व होता है।