अमेरिका द्वारा हाल ही में भारत को सामरिक व्यापार प्राधिकरण -1 (STA-1) देश का दर्जा दिया गया। अमेरिका के इस कदम का यह अर्थ है, कि भारत के लिए अमेरिका से निर्यात हेतु आवश्यक लाइसेंसों की संख्या में कमी आएगी। जिससे भारत की नवीनतम रक्षा प्रौद्योगिकीओं तक आसानी से पहुंच सुनिश्चित हो सकेगी । साथ ही भारत को उच्च प्रौद्योगिकी उत्पाद की बिक्री हेतु निर्यात नियंत्रण में भी रियायत मिलेगी।
अमेरिका द्वारा अभी तक इस तरह का दर्जा अपने सहयोगी नाटो देशों को ही दिया गया है।
भारत को STA-1 का दर्जा देने से संबंधित संघीय अधिसूचना अमेरिका द्वारा 3 अगस्त 2018 को जारी की गई। हालांकि 30 जुलाई 2018 को आयोजित पहले भारत प्रशांत- बिजनेस फोरम में अमेरिकी वाणिज्य मंत्री विलबर रास ने भारत को STA-1 का दर्जा देने की घोषणा की।
भारत को यह दर्जा हासिल होने से अमेरिका से अत्याधुनिक और संवेदनशील प्रौद्योगिकी खरीद सकेगा। गौरतलब है कि भारत एकमात्र दक्षिण एशियाई देश है, जिसे इस सूची में शामिल किया गया है । इस सूची में शामिल होने वाला भारत 37 वा देश है। इसके अतिरिक्त में शामिल होने वाला एकमात्र दक्षिण एशियाई देश तथा तीसरा एशियाई देश भी है।
अन्य एशियाई देशों में जापान और दक्षिण कोरिया शामिल हैं।
परंपरागत रूप से अमेरिका द्वारा किसी देश को STA- 1 का दर्जा तभी दिया जाता था । जब वह चार प्रमुख संगठनों NSG मिसाइल टेक्नोलॉजी कंट्रोल रेजीम वासेनार अरेंजमेंट और ऑस्ट्रेलिया ग्रुप का सदस्य हो।