वसा का निर्माण कार्बन हाइड्रोजन ऑक्सीजन की तत्वों से होता है सबसे पहले इनसे दृश्य और फैटी एसिड बनता है और दोनों मिलकर एक अनुपात ए 3 के अनुपात में स्टैंड से जुड़कर वसा का निर्माण करते हैं वसा मिस्टर बॉन्ड द्वारा होता है ऑक्सीजन की कमी के कारण वसा में जल भूलता नहीं है लेकिन पेट्रोलियम पदार्थों बिन जी एसीटोन से क्लोरोफॉर्म एल्कोहल में घुलनशील होता है ऐसी वसा जो कमरे के तापमान पर द्रव अवस्था में मिलती है उससे संतृप्त कहा जाता है जैसे सरसों का तेल अलसी का तेल इसी प्रकार जो वसा इस तापमान पर ठोस अवस्था में मिलती हैं तो उसे संतृप्त वसा कहा जाता है जैसे कि वनस्पति घी वनस्पति वसा से संतृप्त वसा अधिक छूपाच होता है और सबसे अधिक छूपाच रिफाइंड होता है जो कई असंतृप्त और संतृप्त वसा से बनाए जाते हैं
वसा के कार्य- वसा शरीर में तत्वों के नीचे अस्तर बनाकर शरीर के बाहरी ताप से बचाता है और अंदर कि ताप को बाहर निकालने से रोकता है इमरजेंसी में वसा टूटकर शरीर को ऊर्जा देने लगता है और 1 ग्राम वसा के टूटने से 9.3 किलो कैलोरी ऊर्जा निकलती है पर्याप्त वसा के कारण आदमी 24 दिन तक उपवास कर सकता है ऊंट के कूबड़ में वसा का जमा होता है जिसके कारण वह 17 दिन तक बिना पानी के जीवित रह सकता है एक बार में 50 लीटर पानी पी जाता है सभी प्रकार के मोम पदार्थ वसा से बनाई जाती हैं जिसका प्रयोग पदार्थ के चिकनाई लाने के लिए किया जाता है इस मोम से मोमबत्ती अच्छे प्रकार के फेस क्रीम व बूट पालिश बनाए जाते हैं