आंतरिक या कोशिकीय श्वसन उसके उसके प्रकार

श्वसन में भोज्य पदार्थों के ऑक्सीकरण की क्रिया अनेक पदों में संपन्न होती हैं:-

  1. ग्लाइकोलाइसिस
  2. क्रेब्स चक्र
  •  ग्लाइकोलाइसिस

          ग्लाइकोलाइसिस में ग्लूकोज जैसे पदार्थ को।             पाई रूबिक अमला में बदला जाता है यह                   क्रियाकोशिका द्रव में होती है इसके बाद की।            क्रियाएं ऑक्सीजन की उपस्थिति एवं अनुपस्थिति           पर निर्भर करती है।

  •  क्रेब्स चक्र 

  क्रेब्स चक्र में पाइरुविक अम्ल में पूर्ण ऑक्सीक       सेजल एवं कार्बन डाइऑक्साइड बनते हैं।यह         क्रियाऑक्सीजन की उपस्थिति में माइटोकाॅण्डिया या   में संपन्न होती है इसे ऑक्सिया वायवीय श्वसन कहते हैं। 

  एटीपी की उत्पत्ति 

श्वसन की क्रिया में ग्लूकोस के एक अणु से 38 एटीपी अणु निम्नलिखित चक्रों के अंतर्गत प्राप्त होते हैं :-

  • ग्लाइकोलाइसिस के अंतर्गत 10 एटीपी अणु प्राप्त होते हैं और 2 एटीपी अणु खर्च हो जाते हैं अतः कुल 8 एटीपी अणु प्राप्त होते हैं। 
  • ऐसीटिल को एंजाइम 'ए' के बनते समय 6 एटीपी अणु प्राप्त होते हैं ।
  • क्रेब्स चक्र में 24 एटीपी अणु प्राप्त होते हैं।
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