डिजिटल भारत कार्यक्रम, भारत सरकार का एक प्रमुख कार्यक्रम, का उद्देश्य भारतीय समाज को डिजिटल तौर पर सशक्त देश की अर्थव्यवस्था को ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था बनाना है । औपचारिक रूप से यह 2015 के मध्य में लांच किया गया था।
1990 के दशक में, भारत में ई गवर्नेंस की पहल ने नागरिक सेवाओं पर जोर देने के साथ- साथ व्यापक क्षेत्र अनुप्रयोगों में भी अपनी महत्ता साबित कर दी। सरकार के प्रमुख आईसीटी पहल में कुछ बड़ी परियोजनाएं तथा रेलवे कंप्यूटरीकरण वह अभिलेख कंप्यूटरीकरण आज शामिल हैं । जो मुख्य रूप से सूचना प्रणालियों के विकास पर केंद्रित है।
बाद में, नागरिकों के लिए इलेक्ट्रॉनिक सेवाएं प्रदान करने के उद्देश्य से कई राज्यों ने महत्वाकांक्षी वैयक्तिक ई- गवर्नेंस परियोजनाओं को प्रारंभ किया । जो कि यह ई -गवर्नेंस परियोजनाएं व्यक्ति प्रकृति हैं। इसलिए हो सकता है। इनका प्रभाव अपेक्षा के अनुरूप ना हो।
आइसोलेटेड और इंटरैक्टिव सिस्टम के माध्यम से उन कमियों को चिन्हित करने में मदद मिली। जिससे शासन के पूरे स्पेक्ट्रम में ई - गवर्नेस एप्लीकेशन में समस्या आती थी । इन समस्याओं ने एक बात स्पष्ट कर दिया था। कि एक संयोजित सरकार की स्थापना के लिए आवश्यक बुनियादी सुविधाएं अधिक व्यापक योजना और कार्यान्वयन आंतरिक मुद्दों पर ध्यान देना आदि बिंदुओं पर काम करने की आवश्यकता थी।