तुगलक वंश (1320-1414ई0)

तुगलक वंश (1320-1414ई0)

      तुगलक करौना वंश (तुर्किस्तान एवं सिंध के बीच पहाड़ी क्षेत्र के)।

      तुगलक वंश की स्थापना गयासुद्दीन तुगलक ( गाजी मलिक) ने 1320 में की थी। यह जन्म से भारतीय था। इसकी माता पंजाब की जाट थी।

      गयासुद्दीन तुगलक को सल्तनत कालीन डाक व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था को स्थापित करने का श्रेय दिया जाता है।

      गयासुद्दीन ने मसाहत (अलाउद्दीन) की जगह गल्ला बटाई (हुक्मेहासिल) की व्यवस्था लागू किया और भूराजस्व में एक वर्ष में 1/10 से 1/11 से अधिक वृद्धि न करने का नियम बनाया।

      गयासुद्दीन तुगलक का मकबरा तुगलकाबाद में है। उसके मकबरे के ऊपर हिन्दू मंदिर के समान आमलक और कलश का प्रयोग हुआ है।

      मुहम्मद तुगलक के व्यक्तित्व के बारे में एलकिस्टन ने कहा कि मुहम्मद तुगलक में पागलपन का कुछ अंश है। जबकि इतिहासकार स्मिथ ने उसे विरोधी तत्वों का मिश्रण कहा।

      मुहम्मद तुगलक दिल्ली का प्रथम सुल्तान था जिसने योग्यता को पद प्राप्त करने का आधार बनाया। साईराज नामक हिन्दू उसका मंत्री एवं रतन नामक हिदू सिन्ध का राज्यपाल था।

      मुहम्मद तुगलक ने सर्वप्रथम अकाल संहिता तैयार करवायी और कृषका को कृषि ऋण (सोंधर) प्रदान किया।

      मुहम्मद तुगलक ने दिल्ली में प्लेग महामारी फैलने के कारण दिल्ली छोड़कर शाही शिविर स्वर्णद्वारी (गंगा के तट पर) नामक स्थान पर स्थापित किया था।

      मुहम्मद तुगलक के शासन काल में सर्वाधिक विद्रोह 22 बार हुए थे।

      मुहम्मद तुगलक दिल्ली के सुल्तानों में सर्वाधिक विद्वान था। वह गणित, तर्कशास्त्र, खगोलशास्त्र एवं आयुर्विज्ञान का जानकार था।

      तर्गी का विद्रोह (गुजरात) दबाते समय मुहम्मद तुगलकी की मृत्यु 1351 में थट्टा (सिन्ध) में हुई।

      मुहम्मद तुगलक की मृत्यु पर बदायूँनी ने कहा-राजा को अपनी प्रजा से और प्रजा को अपने राजा से मुक्ति मिली।

      बरनी ने लिखा-अंततः लोगो को उससे मुक्ति मिली, उसे लोगों से।

      मुहम्मद तुगलक के दरबार में बद्र-ए-चाच (बदरूद्दीन) नामक कवि रहता था जिसने दीवान-ए-चाच एवं शाहनामा लिखा।

      मुहम्मद तुगलक ने जहाँपनाह नामक नगर बसाया। उसने दिल्ली में एक रेशम वस्त्र शाला की स्थापना करवाया जहाँ 400 जुलाहे काम करते थे।

      दिल्ली सल्तनत के सुल्तान जिनकी माता हिन्दू थी-नासिरूद्दीन खुसरो, गयासुद्दीन तुगलक, फिरोज तुगलक, सिकन्दर लोदी।
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