मानव भोजन में उपस्थित जटिल प्रकार के तत्व को सरल एवं मिश्रण से बना कर शरीर के विभिन्न भागों तक उपस्थित कोशिकाओं में पहुंचाता है इसके लिए शरीर में 8 से 10 मीटर लंबी एक आहार नाल आहार नाल होती है जिसे एलिमेंटरी कैनाल कहते हैं जिसमें पाचन की क्रिया किस प्रकार होती हैं
मुख गुहा में पाचन- मुख गुहा में पाचन के लिए 3 जोड़ी लार ग्रंथियां होती हैं या 1 दिन में लगभग डेढ़ लीटर तक लार निकल कर आता है इसका पीएच मान 6.8 होता है इस लार भोजन को पचाने वाले निम्न मैटेरियल होते हैं।
Ptylin ( alfa Amylase)- यह हाइड्रोकार्बन का यकृत पाचन करती है और हाइड्रोकार्बन का पाचन मुख्य से शुरू होता है लाइसोसोम भोजन में आए हुए सूचियों को मारने का कार्य करती है।
अमाशय में पाचन- अमाशय आहार नाल का सबसे चौड़ा नाल होता है इसमें 4 घंटों तक भोजन रुकता है इसमें लगभग 3.5000000 जखर ग्रंथियां होती है।
इस रस में भोजन पकाने वाले निर्णय मैटेरियल होते हैं जैसे म्यूकस यह चिपचिपा पदार्थ होता है जो पाचन के समय अमाशय की दीवार के चारों ओर रक्षात्मक आवरण बनाता है और हाइड्रोक्लोरिक एसिड या भोजन को सड़ने से बचाता है सूछ्म जीव को मारता है अमाशय में अमली दशा को बनाए रखने का कार्य करता है जिस का पीएच मान 1से 3.50 होता है