राष्ट्रमण्डल खेल2018

4 अप्रैल से 15 अप्रैल 2018 के मध्य कामनवेल्थ गेम्स या राष्ट्रमंडल खेल गोल्डकोस्ट क्वींसलैंड ऑस्ट्रेलिया में आयोजित किया गया । यह ओलंपिक में एशियाई खेलों के बाद तीसरी सबसे बड़ी खेल प्रतिस्पर्धा है। राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी ऑस्ट्रेलिया  पांचवी बार की है।इन खेलों का आयोजन 2014 की तर्ज पर ही किया गया इसमें से आमूलचूल परिवर्तन करके जैसे कि जूडो को हटाया जूडो को हटाया गया ,बास्केटबॉल और महिला रग्बी वालीवाल के नए खेलो को जोड़ा गया है।इस राष्ट्रमण्डल खेल में कुल 18 खेलों में 275 पदक स्पर्धाएं होंगी।

वर्तमान अनुमोदित खेलों में 10 प्रमुख खेल जिसमें एथलेटिक्स, बैडमिंटन, मुक्केबाजी, हॉकी, लॉन बाउल्स, नेटबॉल (महिलाओं के लिए), रग्बी सातवें, स्क्वैश, तैराकी और वेटलिफ्टिंग शामिल हैं। इस बार रिकॉर्ड 38 पैरा-खेलों की स्पर्धाएं पाँच विभिन्न खेलों (एथलेटिक्स, सायक्लिंग, लॉन बाॅल, तैराकी और भारोत्तोलन) में आयोजित होंगी।8 मार्च 2016 को, बीच वॉलीबॉल को 18वें खेल के रूप में घोषित किया गया था।7 अक्टूबर 2016 को, यह घोषणा की गई कि महिलाओं के लिए सात नए खेल, कार्यक्रम में शामिल किए गए जायगें, अत: अब पुरुषों और महिलाओं के लिए समान कार्यक्रम होंगे। यह इतिहास में पहली बार होगा कि किसी भी प्रमुख बहु-खेल आयोजन में समान खेल होगें।

उद्घाटन समारोह का आयोजन 4 अप्रैल 2018 को ऑस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट  के करारा स्टेडियम में किया गया। इस आयोजन की टिकट दरें 100 australian doller थी ।जबकि बच्चों के लिये यह दर आधी थी। राष्ट्रमंडल खेलों की प्रमुख क्वीन एलिजाबेथ द्वितीय का प्रतिनिधित्व उनके पुत्र चार्ल्स ने किया जोकि वेल्स के राजकुमार है।

समापन समारोह का आयोजन 15 अप्रैल 2018 को करारा स्टेडियम में आयोजित किया गया जिसमे 30 मिलियन ऑस्ट्रेलियाई डॉलर का खर्च आया। ऑस्ट्रेलियाई पॉप स्टार गाय सबेस्टियन, सामंथा जेड, डेमी इम तथा द वेरोनिकास ने अपनी प्रस्तुतियाँ पेश की।वेसेक्स के राजकुमार ऐड वर्ड द्वारा खेलों के समापन की घोषणा की गई तथा राष्ट्रमंडल का ध्वज बर्मिंघम जोकि इंग्लैंड में है को सौंपा गया जो 2022 के खेलों का आयोजन भी करेगा2018 राष्ट्रमण्डल खेलों के चिह्न में मेजबान नगर गोल्ड कोस्ट की आकाश रेखा तथा भूदृश्य का छायाचित्र है।

2018 राष्ट्रमण्डल खेलों का आधिकारिक शुभंकर बोरोबी है जिसका 2016 में चयन हुआ था। बोरोबी एक नीला कोआला जिसके शरीर पर पारम्परिक चिह्न हैं।

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