भारतीय संविधान Easy Notes - 81 (शोषण के विरुद्ध अधिकार)

Day - 81

  • अनुच्छेद 23 मानव के दुर्व्यापार, बेगार और सभी प्रकार के बलात् श्रम को प्रतिषिध्द करता है। दुर्व्यापार के उदाहरण हैं - किसी मनुष्य का विक्रय या किसी मनुष्य की सेवाओं को प्रतिफल के लिए गिरवी रखना या किसी वेश्या की आय से जीवनयापन करना। किसी व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरूद्ध उसे बिना कुछ भुगतान किए काम करने को विवश करना दुर्बल व्यक्ति का शोषण है। जो लोग इस आदेश का उल्लंघन करेंगे उन्हें दंडित करने के लिए संसद ने अनैतिक व्यापार (निवारण अधिनियम), 1956 और बंधित श्रम पध्दति (उत्सादन) अधिनियम, 1976 अधिनियमित किया है।
  • माननीय उच्चतम न्यायालय ने बाल श्रम के संबंध में निम्न वाद में कई दिशा-निर्देश दिए हैं –

                 1. एम.सी. मेहता बनाम तमिलनाडु राज्य

                  2. बंधुआ मुक्ति मोर्चा बनाम भारत संघ

  • अनुच्छेद 24 चौदह वर्ष से कम आयु के किसी बालक को किसी –

                      (1)   कारखाने

                       (2)   खान, या

                       (3)   अन्य परिसंकटमय नियोजन का प्रतिषेध करता है।

आगे अब हम चलते है  'धार्मिक स्वतंत्रता का अधिकार' पर चर्चा के लिये ..

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