महात्मा गांधी का जीवन परिचय - 2

1. महात्मा गांधी द्वारा तीन छोटे आंदोलन करने के बाद , प्रथम राष्ट्रीय आंदोलन रौलट एक्ट के खिलाफ शुरू किया गया वर्ष 1919 में रौलट एक्ट के द्वारा अंग्रेजों ने भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को दबाने के लिए इसे पारित किया था इसके तहत प्रेस पर सेंसरशिप लगाने, किसी भी भारतीय को गिरफ्तार करने और बिना जवाबदेही के मुकदमा चलाने का अधिकार प्राप्त कर लिया था। एक प्रकार से इस एक्ट के माध्यम से वह किसी भी भारतीय को गिरफ्तार कर सकते थे बिना किसी कारण के। इस एक्ट के विरोध में पूरे देश में आंदोलन शुरू हो गया और इस आंदोलन में भाग लेने के लिए गांधी जी द्वारा देश के लोगों से आह्वान किया गया इसी विरोध के के लिए अमृतसर में 13 अप्रैल 1919 को बैसाखी के दिन इकट्ठा हुए लोगों पर अंग्रेज कमांडर जनरल डायर द्वारा निहत्थे लोगों पर गोलियां चलाई गई थी जिसे जलियांवाला बाग कांड के रूप में जाना जाता है।

2. 1 अगस्त 1920 को महात्मा गांधी द्वारा असहयोग आंदोलन की शुरुआत की गई अर्थात अब अंग्रेजी सरकार को कोई भी सहयोग प्रदान नहीं किया जाएगा जब तक कि वह मुझे आजाद नहीं करते हैं। इसी क्रम में हुए खिलाफत आंदोलन का भी गांधी जी ने समर्थन किया था खिलाफत आंदोलन भारतीय मुसलमानों द्वारा तुर्की के खलीफा के समर्थन में किया गया था क्योंकि प्रथम विश्व युद्ध में तुर्की विरोधी खेमे में शामिल था और अंग्रेज तुर्की से बुरा बर्ताव कर रहे थे। महात्मा गांधी का मानना था की खिलाफत आंदोलन का समर्थन करने से हिंदू और मुसलमान में एकता पैदा होगी जो राष्ट्रीय आंदोलन को मजबूत करेगी।

                                        क्रमशः .........

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