भारतीय कृषि की विशेषताएं

  1. भारतीय कृषि निर्वाहक किस्म की है।
  2. भारतीय कृषि पर जनसंख्या का बड़ा दबाव है।
  3. भारतीय कृषि में खाद्यान्नों के कृषि की प्रधानता है एवं चारा फसलों पर बहुत कम ध्यान दिया जाता है।
  4. कृषि में फसलों की विविधता पाई जाती है।
  5. भारत के भौगोलिक क्षेत्र के लगभग 54 प्रतिशत भाग पर कृषि की जाती है।
  6. भौतिक , आर्थिक और सामाजिक कारकों के कारण भू जोतें छोटी, विखंडित और आधुनिक कृषि के उपयुक्त नहीं है।
  7. भारतीय कृषि छोटी भू जोतों, अवैज्ञानिक कृषि पद्धति , सिंचाई की कम सुविधाओं , रासायनिक , जैव एवं प्राकृतिक उर्वरकों के कम उपयोग , नाशी जीव एवं बीमारियों से भेद्यता , कृषि उपजो के कम लाभकारी मूल्य , कृषकों की गरीबी और बुनियादी सुविधाओं की कमी जैसी अनेकों समस्याओ से ग्रस्त है।
  8. भारतीय कृषि में बैल , भैंस एवं ऊंट आदि भार वाही पशुओं का उपयोग किया जाता है। इस में जुताई , बुआई, निराई ,दवाई एवं  कीट नाशको के छिड़काव , कटाई , दवाई , आदि कार्यों में मानव श्रम का भरपूर उपयोग किया जाता है। अब समृद्ध किसानों में मशीनों का प्रयोग बढ़ रहा है।
  9. भारतीय कृषि अधिकतर वर्षा पर आधारित है जिसकी परिवर्त्तिता का कृषि उत्पादन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। केवल 41.2% कृषि को सींचा जा रहा है। यदि समस्त कृषि को सिंचाई की सुविधा दे दी जाए तो कृषि उत्पादन आसानी से दुगना किया जा सकता है।
  10. कुछ प्रगति के बावजूद आज भी देश की कृषि अर्थव्यवस्था पारम्परिक प्रकार की है।
  11. भारत में कृषि को सम्मानजनक पेशा नहीं माना जाता है। यही कारण है कि नवयुवक कृषि के बजाय छोटी सरकारी नौकरी को अधिक महत्व देते हैं।
Posted on by