तारक काय (Centrosome)-
ये अधिकतर जंतु कोशिकाओं में पाए जाते हैं। यह केंद्रक के समीप पाए जाने वाली रचनाएं हैं जो कि दो लंबी बेलनाकार रचनाओं के बने होते हैं जिन्हें तारक केंद्र कहते हैं प्रत्येक तारक केंद्र एक महीन स्वच्छ आवरण सेण्ट्रोस्फीयर में लिपटा रहता है। दोनों तारक केंद्रों व सेण्ट्रोस्फीयर को मिलाकर सेण्ट्रोसोम कहते हैं ऐसा माना जा रहा है कि कोशिका विभाजन का प्रारंभ व नियमन तारक केंद्र करता है, परंतु अब ऐसा नहीं माना जाता। पौधों की कोशिकाओं में तारक केंद्र नहीं होता फिर भी उनमें विभाजन होता है लेज़र किरणों द्वारा तारक काय को नष्ट कर देने पर भी जंतु कोशिका में विभाजन होता है।
परंतु इतना निश्चित है कि तारक काय में कुछ बारीक रचनाएं जिन्हें पक्ष्माभ या सीलिया कहते हैं तथा कुछ लंबी हंटर जैसी रचनाएं जिन्हें कशाभिका कहते हैं का निर्माण होता है। ये रचनाएं कोशिकाओं को गमन में मदद देती हैं। स्पष्ट है कि यह उन्हीं कोशिकाओं में विकसित होते हैं जो गमन गति करते हैं।
मनोक्रियाशील ड्रग्स (LSD) - यह एक लाएसर्किक ऐसिड है। यह डाइएथिलामाइड है। यह विभ्रमकारी है। अफीम एक संवेदन मंदक है। कोकेन एक मनोचालक उद्दीपक है। अल्कोहल यह उपशामक एवं प्रति अवसादक है।