जीव विज्ञान - कोशिका : कोशिका विभाजन (क्या और क्यों)

कोशिका विभाजन : क्या और क्यों? ( Cell Division : What and Why?) -    

             किसी एक कोशिका से दो कोशिकाओं का निर्माण कोशिका विभाजन कहलाता है। कोशिका विभाजन से जीव में प्रजनन एवं वृद्धि होती है। इस प्रक्रिया की सर्वप्रथम खोज का श्रेय फ्लेमिंग नामक वैज्ञानिक को जाता है। कोशिका विभाजन का विस्तृत अध्ययन वर्ष 1920 में बेलर द्वारा प्रस्तुत किया गया।

              हमारा शरीर लगभग 5000 अरब (5 * 1012 ) कोशिकाओं का बना होता है हम यह भी जानते हैं कि हमारे जीवन का प्रारंभ मां के गर्भ में केवल एक कोशिका से हुआ था जिसे युग्मनज़ (Zygote) कहते हैं| यह युग्मनज़ भी माता के अंडज (egg) व पिता के शुक्राणु (Sperm) से संयुक्त होने से बना था। स्पष्ट है कि एक ही कोशिका (युग्मनज़) में से 5000 अरब कोशिकाएं बन गई। यह एक ही कोशिका के विभाजित होने से व विभाजन से बनी कोशिकाओं में पुनः विभाजन होते रहने से संभव हुआ। इन विभाजनों के फलस्वरूप ही शरीर में वृद्धि हुई। हम ही नहीं, सभी बहुकोशिकीय जीव धारियों में ऐसा ही होता है।

           सभी बहुकोशिकीय जीव धारियों की कोशिकाएं हर समय नष्ट होती रहती है - कुछ टूट फुट के कारण, हुई दुर्घटनाओं के कारण। इसलिए यदि किसी जीवधारी को जीवित रहना है तो यह आवश्यक है जो निरंतर नई कोशिकाओं का निर्माण कम से कम उस दर से तो करे जिस दर उसकी कोशिकाएं नष्ट हो रही है।

           एक कोशिकीय जीव धारियों में से कोशिका विभाजन ही प्रजनन का साधन है।

                                                                                                                                                                            शेष अगले नोट्स में ..

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