भारत-बांग्लादेश और तीस्ता नदी

तीस्ता नदी सिक्किम में समुद्र तल से 5280 मीटर की ऊंचाई पर हिमनदीय झील खांगचुग छो से झोमबो छु निकलती है।

भारत और बांग्लादेश के बीच करीब 54 नदियां साझी हैं ।उनमें से सिर्फ गंगा और ब्रह्मपुत्र का ही वार्षिक जल प्रवाह तीस्ता से अधिक है तीस्ता नदी का औसत वार्षिक बहाव 60 अरब घन मीटर लगभग बिलियन क्यूबिक मीटर है। मानसून या नम ऋतु के  दौरान अर्थात जून और सितंबर के बीच नदी में 90 प्रतिशत जल रहता है। इस नदी का बहाव और सीजनल अंतर का महत्व जल की कमी वाले सीजन अक्टूबर से अप्रैल माह के दौरान महसूस किया जाता है। जब औसतन करीब 500 मिलियन क्यूबिक मीटर प्रति माह जल रह जाता है भारतीय और बांग्लादेश नदी नाले के भाग में अधिक गरीबी है या ताला प्राथमिक रूप से खेती से संबंधित है ।इस क्षेत्र में चावल गेहूं और मक्का जैसी फसलों के साथ रबर एवं चाय की खेती की जाती है ।अन्य आर्थिक गतिविधियों में पर्यटन एवं खेती के कच्चे माल पर निर्भर कुटीर उद्योग हैं।

तीस्ता नदी का संयुक्त प्रबंधन भारत-बांग्लादेश संयुक्त नदी आयोग जेआरसी के तहत होता है आयोग 1972 में बनाया गया था। जो एक दूसरे की सीमा में बहने वाली सभी 54 नदियों के प्रबंधन में संयुक्त प्रयास सुनिश्चित करने के लिए दोनों सरकारों के संपर्क में रहता है। तब से भारत और बांग्लादेश साझा नदियों के प्रबंधन के लिए धन्यवाद संदेश के बारे में बातचीत कर चुके हैं ।भारत और बांग्लादेश ने 1983 में तीस्ता पर तदर्थ समझौता किया लेकिन उसे लागू करने में नाकाम रहे ।जल की कमी अवधि के दौरान आवंटित तीस्ता बहाव के बारे में तदर्थ समझौता लागू नहीं किया गया।

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