गाँधी जयंती उत्सव पर निबंध

गाँधी जयंती प्रत्येक वर्ष 2 अक्टूबर के दिन मनाया जाता है। यह महात्मा गाँधी की जयंती है जो देश के महान राजनैतिक नेताओं में से एक थे। इस दिन भी पूरा देश स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस की तरह देशभक्ति में सराबोर होता है। इसके साथ ही देश भर के स्कूल, कालेजों, कार्यालयों, राजनैतिक संस्थानो और कालोनियों में महात्मा गाँधी के सम्मान में कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। गाँधी जयंती पर राष्ट्रीय अवकाश होने के कारण विद्यालयों में यह कार्यक्रम एक दिन पहले ही मनाया जाता है।इसके साथ ही हर साल गांधी जयंती के उत्सव पर कई प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। जिसमें छोटे कक्षाओं के छात्र गांधी जी का वेष धारण करके और उनका पसंदीदा भजन, रघुपति राघव राजा राम गाते हुए आते हैं। इस दिन विशेष भाषण सभायें आयोजित की जाती है, जिसमें छात्रों को बापू पर भाषण देने और चर्चा करने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। इसके साथ ही प्रधानाचार्य और अन्य शिक्षक भी गांधी जी और उनसे जुड़े विषयों पर भाषण देते हैं। वे इस कार्यक्रम तथा मंच का उपयोग छात्रों को विनम्रता, सत्य और अहिंसा की सीख देने के लिए करते हैं।

 शिक्षक इसे एक कार्यक्रम के रुप में आयोजित करते है,ताकि बड़ी संख्या में छात्र इन प्रतियोगिताओं में भाग ले सके। इन कार्यक्रमों में प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाता है, जिससे छात्रों और शिक्षकों को महात्मा गांधी के जीवन और संघर्षो के विषय में और अधिक जानकारी प्राप्त हो सके। इसके साथ ही इन कार्यक्रमों में अच्छा प्रदर्शन करने वालों को पुरस्कार भी दिये जाते है।

 यह उत्सव मुख्यतः सुबह के समय मनाया जाता है इस दौरान देशभक्ति गीत भी बजाये जाते है। यह लोगों में देशभक्ति जगाने और उन्हें प्रोत्साहित करने का एक अच्छा दिन होता है। 

यह कार्यक्रम ज्यादातर ब्रंच के बाद किये जाते है। इस तरह के कार्यक्रम स्थानीय लोगो का एक-दूसरे से मेल-मिलाप बढ़ाने का कार्य करते हैं। जिससे यह लोगों को एक-दूसरे से अपने विचार साझा करने और समाज की तरक्की में अपना योगदान प्रदान करने का अवसर देता है, जोकि देश को सही मार्ग पर ले जाने का कार्य करता है।

आज लोगों में धैर्य रखने की क्षमता का अभाव होने के साथ ही क्रोध प्रवृत्ति भी बढ़ती जा रही है। आये दिन छोटे-मोटे विवादो पर लोगों को गोली मारने तथा हत्या करने की घटनाएं सुनाई देती हैं। यह बात हमें आने वाली पीढ़ियों को समझना बहुत आवश्यक है कि हिंसा हमेशा परेशानी का कारण बनती है और समस्याओं को प्रेम से हल करना ही उनका स्थायी समाधान है।

 गांधी जी का जीवन दूसरों को सच्चाई और अहिंसा के मार्ग का पालन करने के लिए प्रेरित करता है। उनकी विचारधाराओं को अपनाकर देश में हिंसा के स्तर को कम करने का कारगर प्रयास किया जा सकता है, क्योंकि सत्य और अहिंसा ही वह मार्ग है जो देश के युवाओं को सकारात्मक रुप से प्रभावित कर सकता है।

गाँधी जयंती का अवसर हर भारतीय के लिए एक विशेष दिन होता है। इसे पूरे देश भर में काफी हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन प्रर्थना सभाओं का आयोजन होता है और बापू के प्रशंसा में गीत गाये जाते हैं  तथा बापू जी को श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है।

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