जनगणना से संबंधित कुछ मुख्य बातें ------

कौटिल्य कृति अर्थशास्त्र (321-296 ई.पू.) मैं राज्य के आर्थिक गतिविधियों के आकलन हेतु जनगणना के आंकड़ों की उपयोगिता को बताया गया है।

* अबुल फजल द्वारा रचित आईने अकबरी (1595-1596ई.) में भी जनगणना का उल्लेख मिलता है।

* आधुनिक पद्धति एवं व्यवस्थित ढंग से सर्वप्रथम जनगणना 1749 में स्वीडन द्वारा कराया गया था।

* ब्रिटिश भारत में पहली जनगणना 1872 में लॉर्ड मेयो के कार्यकाल में हुई थी ।1881 ईसवी में लॉर्ड रिपन के समय से प्रत्येक 10 वर्ष के अंतराल पर जनसंख्या का क्रमवार आकलन प्रारंभ हुआ जो आज भी जारी है। इस प्रकार 1872 में हुई जनगणना को शामिल करते हुए अब तक भारत में 15वीं जनगणना हो चुकी है। वर्ष 2011 की जनगणना भारत की 15वीं जनगणना है ।स्वतंत्र भारत की यह 7वीं जनगणना है । 21वीं शताब्दी की यह दूसरी जनगणना है।

* 15वीं जनगणना 2011 का नारा- 'हमारी जनगणना, हमारा भविष्य' था ।

* जनगणना अधिनियम 1948 के अंतर्गत जनगणना कराई जाती है।

* भारतीय जनसंख्या अपने संक्रमण के तृतीय अवस्था 1951 से 1981 के दशकों में जनसंख्या विस्फोट अर्थात अत्यधिक तेज वृद्धि दर को प्राप्त हुई।

* 15वीं जनगणना 2011 में 2001 से 2011 के मध्य दशकीय जनसंख्या वृद्धि दर व्यक्ति रूप में 17.7 % है, ग्रामीण एवं नगरीय अलग-अलग दशकीय वृद्धि दर समान अवधि में क्रमशः 12.3% एवं 31.8% रही।

* भारत का क्षेत्रफल विश्व के क्षेत्रफल का मात्र 2.4% है, जबकि भारत की जनसंख्या विश्व की कुल जनसंख्या का 17.5% है।

* भारत की जनसंख्या में 2001 से 2011 के दौरान 18.18करोड़ की वृद्धि हुई है।

* भारत मूलतः गांवों का देश है। इस देश में कुल 6,40, 930 ग्राम है। जहां देश की 68.9%(2011) जनसंख्या निवास करती है।

* 1911 से 1921 के दशक में जनसंख्या में कमी(-0.31%) की स्थिति आयी।

* 1921 के पश्चात देश की जनसंख्या में तीव्र गति से वृद्धि प्रारंभ हुई इसलिए सन 1921 को जनसंख्या के इतिहास में महान विभाजक वर्ष कहा जाता है।

* भारत की जनसंख्या में सर्वाधिक वृद्धि 1961- 70 के दशक में 24.80% हुई थी।

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