भारतीय वनों के प्रकार।

भारत में वन  वर्षा का अनुसरण करते हैं 

 जिन भागों में भारी वर्षा होती है वहां वन घने हैं, सामान्य वर्षा वाले भागों में खुले वन एवं कम वर्षा वाले भागों में कंटीले वन व झाडियां पाई जाती हैं। अतः सामान्य रूप से भारतीय वनों का वर्गीकरण अधोलिखित प्रकार से किया जा सकता है,

1. उष्णकटिबंधीय सदाबहार वन:-

ये वन भारत के उन भागों में पाए जाते हैं जहां औसत वार्षिक तापमान 22 डिग्री सेल्सियस तथा वरसाद 200 सेंटीमीटर या अधिक होती है। अतः यहां ऐसे वृक्ष उगते हैं जो साल भर हरे भरे रहते हैं इसलिए इन्हें सदाबहार वन कहते हैं। यह वन बहुत घने होते हैं इनमें 45 से 60 मीटर तक ऊंचे वृक्ष पाए जाते हैं। इन वनों में मुख्य रूप से ताड़, महोगनी, रोजवुड, नारियल, एबोनी, आबनूस, बांस तथा बेंद उगते हैं। भारत में इस प्रकार के वन 45 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में फैले हैं। सदाबहार वन असम, मेघालय, त्रिपुरा, मणिपुर, अंडमान निकोबार द्वीप समूह, पश्चिमी घाट, हिमालय की तराई तथा कर्नाटक के पश्चिम भाग में मिलते हैं।

 सदाबहार वनों की प्रमुख विशेषताएं:-

१)घने वन
२) वृक्षों की बहूरुपता
३) कठोर लकड़ी का औद्योगिक महत्व
४) हजारों प्रकार के वन्य प्राणी
५) दलदली भूमि अतः विदोहन कठिन
६) सीमित महत्त्व

      आगे हम बात करेंगे इसी टॉपिक पर अगले अंक के साथ-

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