उष्णकटिबंधीय प्रशांत महासागर में समुद्री तापमान और वायुमंडलीय परिस्थितियों में आए बदलाव को एल नीनो कहा जाता है जो पूरे विश्व के मौसम को अस्त-व्यस्त कर देता है । एल नीनो स्पेनिश भाषा का शब्द है जिसका शाब्दिक अर्थ है- शिशु यानी छोटा बालक ।वैज्ञानिक अर्थ में एल नीनो प्रशांत महासागर के विषुवत रेखा क्षेत्र की उस समुद्री घटना का नाम है जो दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप के पश्चिमी तट पर स्थित इक्वाडोर और पेरू देशों के तटीय समुद्री जल में कुछ सालों के अंतराल पर घटित होती है। यह समुद्र में होने वाली उथल-पुथल है और इससे समुद्र के जल का तापमान सामान्य से अधिक हो जाता है । इसमें प्रशांत महासागर का जल आवधिक रूप से गर्म होता है । एक बार शुरू होने पर यह प्रक्रिया कई सप्ताह या महीनों चलती है एल नीनो अक्सर 10 साल में 2 बार आती है और कभी तीन बार भी। अक्सर इसकी शुरुआत दिसंबर में क्रिसमस के आस पास होती है और यही ईसा मसीह के जन्म का समय है इसी कारण इस घटना का नाम एल नीनो पड़ गया जो शिशु ईशा का प्रतीक है।
सामान्य स्थिति में व्यापारिक हवाएं गर्म सतही जल को दक्षिण अमेरिकी तट से दूर ऑस्ट्रेलिया एवं फिलीपींस की ओर धकेल कर प्रशांत महासागर के किनारे किनारे पश्चिम की ओर बहती है। पेरू के तट के पास जल ठंडा होता है एवं पोषक तत्वों से समृद्ध होता है जोकि प्राथमिक उत्पादकों विविध समुद्री पारिस्थितिक तंत्रों एवं मछलियों को जीवन प्रदान करता है।
जारी है........