2018 भौतिकी नोबेल पुरस्कार एश्किन का प्रकाश फ़ंदा

1.लेजर बीम के प्रकाश से आलोकित होने पर नन्हे पारदर्शी गोले गति करना आरंभ करते है। इनकी गति एश्किन द्वारा सैद्धांतिक गणना से प्राप्त से मेल खाती है जो यह दर्शाता है कि यह गति विकिरण के दबाव से ही उत्पन्न है।
2.इसमे एक अनपेक्षित प्रभाव अनुपातिक बल(gradient force) था जोकि गोले को लेजर बीम के मध्य मे धकेलता है जिस स्थान पर प्रकाश की तीव्रता सर्वाधिक है। यह इसलिये है कि बीम की तीव्रता बाहर की ओर कम होते जाती है और सभी बलो का योग गोले को केंद्र की ओर धकेलता है।
3.एश्किन लेकर बीम को उपर की ओर निर्देशित कर गोले को उपर तैराते है। विकिरण का दबाव गुरुत्वाकर्षण के विपरीत कार्य करता है।
4.लेजर बीम को एक लेंस से फ़ोकस किया जाता है। इन आप्टीकल ट्वीजर के रूप मे इस प्रकार प्रकाश के द्वारा कणो को , जीवित बैक्टेरीया और कोशीकाओं को पकड़ लिया जाता है।
Posted on by