19वीं शताब्दी के अंत में बहुत से भारतीय अमेरिका तथा कनाडा में जाकर बस गए ।
1 नवंबर 1913 ईस्वी को अमेरिका के सैन फ्रांसिस्को नगर में 'गदर' पार्टी का गठन किया गया । इसके संस्थापक लाला हरदयाल थे । जबकि इस पार्टी के अध्यक्ष मोहन सिंह थे ।
गदर पार्टी के प्रचार -प्रसार विभाग के सचिव लाला हरदयाल थे । इस दल के अन्य प्रमुख नेता थे।-- रामचंद,्र बरकतुल्लाह ,रासबिहारी बोस, राजा महेंद्र प्रताप, अब्दुल रहमान एवं मैडम भीकाजी कामा थे ।
गदर पार्टी ने युगांतर प्रेस की स्थापना कर एक साप्ताहिक पत्रिका 'गदर' का प्रकाशन भी किया । यह उर्दू ,पंजाबी ,मराठी, अंग्रेजी ,हिंदी, गुजराती में थी । इसका एक अंक 'पख्तूनी' भाषा में भी निकाला गया ।
इस पत्र का उद्देश्य भारतीय सेना में विशेषकर सिखों में विद्रोह की भावना पैदा करना था और उन्हें भावी क्रांति के रूप में तैयार करना था ।
1914 ईसवी में लाला हरदयाल को अमेरिका छोड़ने के लिए बाध्य होना पड़ा । तब इस दल का कार्यभार उसके साथी रामचंद्र ने संभाला इस दल का प्रभाव उस समय समाप्त हो गया जब अमेरिका ब्रिटेन की तरह से प्रथम विश्व युद्ध में सम्मिलित हुआ और स्तर को गैरकानूनी घोषित कर दिया ।