मुग़ल साम्राज्य के विघटन के लिए ज़िम्मेदार विदेशी आक्रमण

नादिरशाह का आक्रमण -

  •  नादिरशाह (ईरान का नेपोलियन ) फ़ारस का शासक था । नादिरशाह भारत की अपार धन संपदा के कारण आकर स्थित हुआ उसकी इच्छा भारत के धन को लूटने की थी ।
  •  नादिरशाह तहमासपशाह की मृत्यु के बाद १७३६  ईसा पूर्व में फ़ारस का शासक बना था । उसे १७३९ ईसा पूर्व में भारत पर आक्रमण करने के लिए आमंत्रण मिला था ।
  •  नादिर शाह ने अटक के पास सिंधु नदी पार किया और लाहौर के गवर्नर को हरा दिया । उसने भी उनकी अधीनता स्वीकार कर ली । इसके बाद फ़रवरी १७३९ ईसा पूर्व में नादिरशाह ने पंजाब पर आक्रमण किया परिणामस्वरूप वहाँ पर करनाल का युद्ध हुआ ।
  •  नादिर शाह के इस तीव्रगामी आक्रमण से भयभीत होकर मुहम्मदशाह 80, हज़ार सैनिकों को साथ लेकर आक्रमणकारियों का सामना करने के लिए चल पड़ा ।
  • निज़ाममुलमुल्क की मध्यस्थता के कारण मुहम्मद शाह और नादिरशाह के बीच समझौता हो गया । मुहम्मद शाह ने निज़ाम को मीरबखशी का पद दे दिया ।
  •  मीरबख़्श का पद सआदत खाँ भी प्राप्त करना चाहता था उसने नादिर शाह से भेंट की और कहा कि यदि आप दिल्ली पर आक्रमण करें तो २० लाख नहीं 20, करोड़ रुपया मिल सकता है ।
  •  नादिर शाह के नाम का ख़ुतबा पढ़ा गया तथा सिक्के जारी किये गये । मुग़ल राज्य समाप्त हो गया अौर फ़ार सी राज्य आरंभ हो गया ।

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