अहमदशाह अबदाली का आक्रमण -
- नादिरशाह का वध १७४७ ई० पूर्व में किए जाने के बाद अहमद शाह कंधार का स्वतंत्र शासक बन बैठा । शीघ्र ही उसने काबुल को जीत लिया और आधुनिक अफ़गान राज्य की नीव रखी । नादिरशाह के वैध उत्तराधिकारी के रूप में उसने पश्चिमी पंजाब पर अपना दावा किया ।
- अहमदशाह ने हिंदुस्तान के विरुद्ध आक्रमण की नीति जारी रखी । मुख्य रूप से इन आक्रमणों का उद्देश्य भारत के धन को लूटना था १७४८ ई० मैं उसका पंजाब पर प्रथम आक्रमण असफल रहा । १७४९ ई० में उसने पुनः आक्रमण किया और पंजाब के गवर्नर को पराजित किया । १७५२ ई० में उसने पंजाब पर तीसरा आक्रमण किया ।
- अहमदशाह ने पंजाब में हस्तक्षेप किया तथा नवम्बर १७५६ ई० मैं वह भारतीय सीमाओं का उल्लंघन कर उसमें प्रवेश कर गया । जनवरी १७57 ई० मे वह दिल्ली में प्रवेश कर गया तथा उसने मथुरा और आगरा तक लूट मार किया ।
- मार्च 1758 ईसा पूर्व में मराठा सरदार रघुनाथ राव दिल्ली पहुँचा और उसने नजीबुदोला को दिल्ली से निकाल दिया ,फिर पंजाब को लूटा तथा अंत मैं अदीना बेग ख़ाँ को पंजाब का गवर्नर नियुक्त कर लौट गया । अहमदशाह अबदाली ने मराठों से प्रतिशोध लेने के लिए पुन भारत पर आक्रमण किया ।फलस्वरूप पानीपत का तीसरा युद्ध ( १४ जनवरी ,१७६१ ई० ) पूर्व हुआ ,जिसमें मराठों की पूर्णता हार हुई ।