उन्मूलन की दिशा में किए गए कुछ प्रमुख सामाजिक सुधार ( भाग २ )

बाल हत्या की प्रथा -

 यह प्रथा राजपूतो एवं बंगाल में अधिक प्रचलित थी । इनमें बालिका शिशुओं को निर्दयता से मार दिया जाता था ।इसका कारण विदेशी आक्रमण तथा सुयोग्य वरों की अपर्याप्तता की समस्या थी । १७९५ ई० में बंगाल नियम और 18 सौ चार ई० में  नियम तीन के अंतर्गत इस प्रथा को रोकने के व्यापक प्रयास किए गए ।

दास प्रथा -

  •  भारतीय समाज  में प्रचलित दास प्रथा को बंद करने के लिए १८२३ ई० में लिस्टर स्टेनहोप ने इंग्लैंड के डयूक ऑफ़ ग्लास्टर से अनुरोध किया था ।जिसके फलस्वरूप 17८९ ई०  में दासों के निर्यात को बंद कर दिया गया ।
  • १८३३ के चार्टर एक्ट  द्वारा ब्रिटिश  सरकार ने दासता पर पूर्ण  प्रतिबंध लगाया था तथा एस प्रतिबंध को १८४३ ई० में संपूर्ण भारत पर लागू किया। १८६०ईसापूर्व में दासता को भारतीय दंड सहिता के द्वारा अपराध घोषित कर दिया गया ।

स्त्री शिक्षा -

  • भारतीय समाज में स्त्रियों की दयनीय स्थिति को देखते हुए सर्वप्रथम ईसाई मिशनरियों ने १८19 ईसा पूर्व को कलकत्ता मैं तरुण स्त्री सभा की स्थापना की । स्त्री  शिक्षा के लिए सर्वाधिक प्रयास ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने किए । उन्होंने बंगाल में लगभग ३५ बालिका विद्यालय स्थापित किए । १९२६ ईसा पूर्व में महिलाओं के उत्थान के लिए अखिल भारतीय  महिला विश्व विद्यालय   की स्थापना हुई । राष्ट्रीय शिक्षा नीति १९८६ में लड़कियों की शिक्षा पर विशेष नीति बनायी गई थी ।
Posted on by