व्यावसायिक पर्यावरण Business Environment

व्यवसायिक पर्यावरण 2 शब्दों से मिलकर बना है  व्यवसाय + पर्यावरण।  अतः व्यवसायिक पर्यावरण की अवधारणा  को समझने के लिए आवश्यक है कि हम व्यवसाय  तथा  पर्यावरण  को अलग अलग अर्थों में समझे।

व्यवसाय से तात्पर्य उन सभी मानवीय आर्थिक क्रियाओं से है, जो वस्तुओं एवं सेवाओंं के उत्पादन तथा वितरण के लिए की जाती है और जिनका उद्देश्य एक- दूसरे के पारस्परिक हितों को समझना भी है। इस प्रकार मनुष्य द्वारा जितनी भी क्रियाएं धनोपार्जन के उद्देश्य से की जाती हैं,  उन सबको व्यवसाय की श्रेेणी में रखा जाता है। इसका अर्थ यह भी है की जो भी क्रिया किसी अनार्थिक उद्देश्य से की जााती है या जिसका उद्देश्य धनोपार्जन नहींं है, वह व्यवसााय की श्रेणी मैं नहीं आती। 

डेविस के अनुसार :-" व्यवसाय वस्तुओं तथा सेवाओं के उत्पादन करने, बाजार मैं उनकी बिक्री करने तथा इस प्रयास से लाभप्राप्त करने वाले व्यक्तियों की संगठित कोशिश है।" 

मेल्विन ऐन्सम के अनुसार :-  "व्यवसाय जीविका उपार्जन का एक तरीका है। "

 व्यवसाय की  समस्त क्रियाएं राष्ट्र के सांस्कृतिक सामाजिक, नैतिक, राजनैतिक, वैधानिक, आर्थिक एवं प्रौद्योगिकी पर्यावरण के आधार पर निर्धारित एवं क्रियान्वित होती है । इसलिए व्यवसाई को पर्यावरण के अनुकूल अपने व्यवसाय का सामंजस्य स्थापित करने के लिए हमेशा प्रयत्नशील रहना पड़ता है, जिससे कि उसके  व्यवसाय में कोई बाधा  उत्पन्न न हो। 

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