मानव शरीर में उसकी एक घन यम यम रक्त में आरबीसी की संख्या लगभग 50 लाख होती है पुरुष में 5400000 तथा स्त्री में 48 लाख तक होता है इसका जीवन काल 120 दिन तक होता है आरबीसी के अंदर हीमोग्लोबिन नाम का प्रोटीन होता है जिसके कारण रक्त का रंग लाल होता है रक्त स्वस्थ व्यक्ति में हीमोग्लोबिन की मात्रा 12 से 16 ग्राम होती है स्त्री शरीर में 12 से 14 ग्राम पुरुष में 14 से 16 ग्राम बच्चों में 16 से 18 ग्राम तक होती है इनका एक और ऑक्सीजन के चारों को बांधकर शरीर के विभिन्न भागों में पहुंचाता है यह आरबीसी का मुख्य कार्य है।
नान कार्डेटा के जंतुओं में जैसे कछुआ और जोक में रक्त लाल होता है क्योंकि इसका हीमोग्लोबिन प्लाज्मा में खुला रहता है कीटों के शरीर का रक्त रंग हीन होता है क्योंकि इसमें डब्लू बी सी व प्लाज्मा होता है जैसे तिलचट्टा मच्छर मक्खी मधुमक्खी झींगा और बिच्छू में रक्त नीले रंग का होता है क्योंकि इसमें हीमो साइनिन होता है बिच्छू मधुमक्खी चींटी के काटने से दर्द होता है क्योंकि इसमें फार्मिक एसिड होता है।
और केवल कॉर्डेटा की जंतुओं में पाई जाती है केवल जिस मछली मेंढक सर्प पक्षी आरबीसी केंद्रक होता है इनकी यकृत अंडाकार होती है और उत्तल होती है। लेकिनलेकिन स्तनधारी में आरबीसी मैं केंद्रक नहीं होता है इनकी आकृति वृत्ताकार व अवतल होती है अपवाद स्वरूप व प्लाज्मा के जंतुओं में आरबीसी में केंद्रक होता है।