भारतीय समाचार पत्रों का इतिहास (history of Indian press)भाग-4-

भारतीय समाचार पत्रों का स्वतंत्र होना ---
1833 ईस्वी में लॉर्ड विलियम बैटिंग ने अपने शासनकाल में समाचार पत्रों के प्रति उदार दृष्टिकोण अपनाया परंतु 1823 ईस्वी के नियमों को रद्द करने का श्रेय कार्यवाहक गवर्नर जनरल चार्ल्स मेटकाफ को जाता है।  इस कारण वे भारतीय समाचार पत्रों के मुक्तिदाता कहलाए ।
समाचार पत्र जांच समिति---
1947 ईस्वी के मार्च में भारत सरकार ने एक समाचार पत्र जांच समिति का गठन किया और उसे आदेश दिया कि वह संविधान सभा में स्पष्ट किए गए मौलिक अधिकारों के प्रकाश में समाचार पत्र के कानून की समीक्षा करें----
प्रेस के इतिहास का विश्लेषण करके और स्पष्ट हो जाता है -- लार्ड वेलेजली , लॉर्ड मिंटो ,लॉर्ड ऐडम्स, लॉर्ड कैनिंग तथा लॉर्ड लिटन भारतीय प्रेस की स्वतंत्रता के पक्ष में नहीं थे । परंतु लॉर्ड हेस्टिंग, चार्ल्स मेतकोफ ,मैकाले तथा लार्ड रिपन भारतीय प्रेस स्वतंत्रता के समर्थक थे ।

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